Home » दिल्ली » LG and Delhi Government power tussle: Deputy CM Manish sisodia says, Its a landmark judgement by Supreme Court and a big win for democracy
 

SC का फैसला ऐतिहासिक लेकिन पूर्ण राज्य के दर्जे के लिए जारी रहेगा आंदोलन: मनीष सिसोदिया

कैच ब्यूरो | Updated on: 4 July 2018, 12:36 IST
(File Photo)

दिल्ली में केजरीवाल सरकार और एलजी के बीच लंबे समय से चली आ रही खींचतान के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया है कि हर मामले में एलजी की राय जरूरी नहीं है. दिल्ली की चुनी हुई सरकार ही राज्य को चलाने के लिए जिम्मेदार है. कोर्ट के इस फैसले के बाद केजरीवाल सरकार ने खुशी जाहिर की है. सीएम अरविंद केजरीवाल ने इस फैसले को लोकतंत्र की जीत बताया है. वहीं, उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने इसको जनता की जीत बताया है.

SC  के फैसले के बाद मनीष सिसोसिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. अब दिल्ली सरकार को किसी भी फाइल को मंजूर कराने के लिए एलजी के पास नहीं भेजना होगा. सरकार के काम में अब कोई रुकावट नहीं आएगी. मैं इस फैसले के लिए सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देता हूं. ये लोकतंत्र की बड़ी जीत है. उन्होंने कहा, पुलिस, जमीन और कानून व्यवस्था को लेकर हमारी मांग अभी भी जारी है और हम अभी भी दिल्ली को पूर्ण राज्य की मांग उठाते रहे हैं. हमारा आंदोलन जारी रहेगा.

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कोर्ट के फैसले पर खुशी जताते हुए ट्वीट किया. केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि ये दिल्ली की जनता की बड़ी जीत है. लोकतंत्र की बड़ी जीत है.

बता दें कि  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार की अर्जी पर सुनवाई करते हुए एक बड़े फैसले में कहा है कि कैबिनेट की सलाह पर ही राज्यपाल को फैसले लेने का अधिकार है. चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार को हर मामले में एलजी की इजाजत  जरूरी नहीं है.  

चीफ जस्टिस ने कहा कि राज्य को बिना किसी दखल के काम की आजादी हो. चीफ जस्टिस ने कहा कि दिल्ली सरकार को हर फैसला एलजी को बताना होगा. हालांकि, हर मामले में एलजी की सहमति जरूरी नहीं है. चीफ जस्टिस ने कहा, हमने सभी पहलुओं - संविधान, 239एए की व्याख्या, मंत्रिपरिषद की शक्तियां आदि पर गौर किया.

उन्होंने कहा संविधान का पालन सबका कर्तव्य है, सभी संवैधानिक फंक्शनरीज़ के बीच संवैधानिक भरोसा होना चाहिए, और सभी को संविधान की भावना के तहत काम करना चाहिए. सीजेआई मिश्रा ने कहा, संविधान के मुताबिक प्रशानिक फैसले भी सबका सामूहिक कर्तव्य, और सभी संवैधानिक पदाधिकारियों को संवैधानिक नैतिकता को बरकरार रखना चाहिए.

First published: 4 July 2018, 12:34 IST
 
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