Home » दिल्ली » Mother, daughter locked up in a room for four years rescued by Delhi Police
 

दिल्ली की दर्दनाक दास्तां: घर में सालों से क़ैद मां-बेटी बनीं कंकाल

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 March 2017, 14:46 IST
Dabri mother daughter

देश की राजधानी दिल्ली में फिर एक बार दिल दहला देने वाली घटना सामने आर्इ है, जिनमें इंसानियत दम तोड़ती नजर आ रही है. बुधवार को दिल्ली के डाबड़ी इलाके में एक कमरे में बंद जिंदा कंकाल बन चुकीं मां-बेटी को निकाला गया है. मां-बेटी इस कमरे में कई सालों से कैद थीं.

इस दौरान इन दोनों का समाज से संपर्क कट चुका था और लोगों ने भी इनसे दूरी बना ली थी. दोनों महिलाओं की पहचान कलावती मिश्रा (मां) व दीपा मिश्रा (बेटी) के रूप में हुई है. वहीं, हिरासत में लिया गया बुजुर्ग शख्स महावीर मिश्रा हैं, जो एमटीएनएल से रिटायर्ड है.

बुधवार देर शाम आरडब्ल्यूए के कुछ लोग पुलिस को लेकर जब घर पहुंचे तो कमरे से बदबू आ रही थी. बेहद छोटा कमरा था, जिसमें लाइट भी नहीं थी और कमरे में पड़ी एक चारपाई पर मां बेटी पड़ी हुईं थीं. कमरे में बाहर की हवा या रोशनी तक का इंतजाम नहीं था.

मां-बेटी को कमरे से निकालने के लिए महिला पुलिसकर्मी बुलाई गईं. इसके बाद पीसीआर के जरिये मां बेटी को अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया. कंकाल बन चुकीं मां-बेटी के शरीर में इतनी भी ताकत नहीं कि वह कुछ बोलकर बयान दे सकें.

डाबड़ी इलाके के महावीर एन्केल्व पार्ट-2 में महावीर मिश्रा का मकान है, महावीर मिश्रा के दो बेटे थे. दोनों की मौत हो चुकी है. महावीर की पत्नी का भी निधन हो चुका है. वहीं, पति की मौत के बाद कलावती अपनी बेटी दीपा के साथ इसी घर में रह रही हैं. आरोप है कि दूसरे बेटे की पत्नी व बच्चे महावीर के गलत बर्ताव की वजह से अलग रह रहे हैं.

First published: 23 March 2017, 14:46 IST
 
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