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'निर्भया' की मां ने कहा- 'गुनहगार अब भी ज़िंदा, 4 साल से इंसाफ़ का इंतज़ार'

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 December 2016, 14:40 IST
(एएनआई)

देश को झकझोर देने वाले दिल्ली के निर्भया गैंगरेप के चार साल बीत चुके हैं, लेकिन निर्भया की मां अब तक इंसाफ न मिलने से बेहद निराश हैं. 

निर्भया की मौत की बरसी पर एक बार फिर उनकी मां ने अपना दर्द बयां किया है. दक्षिणी दिल्ली के वसंत विहार में दरिंदगी की शिकार निर्भया की चार साल पहले 29 दिसंबर 2012 को सिंगापुर के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी. 

निर्भया की मां ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "मैं चार साल से संघर्ष कर रही हूं लेकिन अब भी निर्भया के गुनहगार जिंदा हैं. मामला सुप्रीम कोर्ट में है और मुझे न्याय का इंतजार है." 

निर्भया गैंगरेप के खिलाफ देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए. (फाइल फोटो)

निर्भया गैंगरेप में अब तक क्या हुआ?

16 दिसंबर, 2012: दिल्ली के मुनीरका में छह लोगों ने बस में पैरामेडिक छात्रा (निर्भया) से गैंगरेप और दरिंदगी को अंजाम दिया. वारदात के बाद युवती और उसके दोस्त को चलती बस से फेंक दिया गया.

18 दिसंबर, 2012: राम सिंह, मुकेश, विनय शर्मा और पवन गुप्ता गिरफ़्तार. 21 दिसंबर को नाबालिग अभियुक्त दिल्ली से और छठा अभियुक्त अक्षय ठाकुर बिहार से गिरफ़्तार हुआ.

29 दिसंबर, 2012: सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में निर्भया ने दम तोड़ा. इससे पहले उसका दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज चला था.

3 जनवरी, 2013: पुलिस ने पांच अभियुक्तों के ख़िलाफ़ हत्या, गैंगरेप, हत्या की कोशिश, अपहरण, डकैती जैसे आरोपों के तहत चार्जशीट दाख़िल की. 

17 जनवरी, 2013: दिल्ली की फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने पांचों अभियुक्तों पर आरोप तय किए.

11 मार्च 2013: आरोपी राम सिंह ने दिल्ली की तिहाड़ जेल में खुदकुशी की.

31 अक्टूबर, 2013: जुवेनाइल बोर्ड ने नाबालिग को गैंगरेप और हत्या का दोषी माना. उसे बाल संरक्षण गृह में तीन साल गुज़ारने का फ़ैसला सुनाया. 

10 सितंबर, 2013: फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट ने चार दूसरे आरोपियों को 13 अपराधों के लिए गुनहगार ठहराया. 13 सितंबर को चार अभियुक्तों मुकेश, विनय, पवन और अक्षय को सज़ा-ए-मौत.

13 मार्च, 2014: दिल्ली हाई कोर्ट ने चारों दोषियों की मौत की सज़ा को बरक़रार रखा.

2014-2016: चारों दोषियों ने फ़ांसी की सज़ा को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. अदालत में अभी सुनवाई जारी है.

निर्भया फंड और हेल्पलाइन की शुरुआत

16 दिसम्बर की घटना के बाद पूरे देश में जागरूकता बढ़ी है. महिलाएं भी खुद पर हो रहे अन्याय के खिलाफ अब आवाज उठाने में हिचकिचा नहीं हैं. नए कानून से भी उन्हें मदद मिल रही है.

निर्भया कांड के बाद उषा मेहरा कमीशन का गठन हुआ, जिसने सुरक्षा जैसे मुद्दों पर तमाम जिम्मेदार विभागों में संवाद की कमी और इसे दूर करने को लेकर सुझाव देते हुए अपनी रिपोर्ट पेश की. महिला बाल विकास मंत्रालय ने महिला सुरक्षा के लिए 24 घंटे हेल्प लाइन नंबर की शुरूआत की।

आईटी मंत्रालय ने महिला सुरक्षा के लिए कई गैजट बनाने की शुरुआत की. इसके अलावा केंद्र सरकार ने इसी घटना के बाद निर्भया फंड की शुरुआत की. इसके तहत महिलाओं की सुरक्षा के लिए हर साल बजट में अलग से फंड का प्रावधान किया जाता है. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने भी हेल्पलाइन नंबर 181 शुरू किया.

First published: 29 December 2016, 14:40 IST
 
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