Home » दिल्ली » NSG has safely removed the grenade from Delhi's Red Fort, preliminary inquiry suggests of it being a very old grenade
 

दिल्ली के लाल क़िले में कुएं से ग्रेनेड मिला

कैच ब्यूरो | Updated on: 5 May 2017, 10:49 IST

दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले से एक ग्रेनेड बरामद हुआ है. गुरुवार शाम को जब इसकी जानकारी मिली, तो लाल किला परिसर में हड़कंप मच गया. बताया जा रहा है कि क़िले के अंदर मौजूद एक कुएं से ग्रेनेड मिला है.

इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) की टीम को मौके पर बुलाया गया. एनएसजी ने सुरक्षित तरीके से ग्रेनेड को वहां से हटा दिया. उत्तरी दिल्ली के डीसीपी जतिन नरवाल के मुताबिक शुरुआती तफ्तीश में पता चला है कि ये काफ़ी पुराना ग्रेनेड है. माना जा रहा है कि ग्रेनेड द्वितीय विश्वयुद्ध के काल का हो सकता है.

लाल क़िले का अतीत

लाल किला और शाहजहांनाबाद का शहर, मुगल बादशाह शाहजहां द्वारा 1639 ईसवी में बनवाया गया था. लाल किले का अभिन्यास फिर से किया गया था, जिससे इसे सलीमगढ़ किले के संग एकीकृत किया जा सके. यह किला और महल शाहजहांनाबाद की मध्यकालीन नगरी का महत्वपूर्ण केन्द्र-बिन्दु रहा है.

लाल क़िले की योजना, व्यवस्था एवं सौन्दर्य मुगल वास्तुशिल्प का चरम है, जो कि शाहजहां के काल में काफी ऊंचाई पर पहुंची. इस किले के निर्माण के बाद कई विकास कार्य खुद शाहजहां द्वारा किए गए. विकास के कई बड़े पहलू औरंगजे़ब और अंतिम मुगल शासकों द्वारा किये गये.

सम्पूर्ण विन्यास में कई मूलभूत बदलाव ब्रिटिश काल में 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद किये गये थे. ब्रिटिश काल में यह किला मूल रूप से छावनी के तौर पर इसेतमाल किया गया था. आजादी मिलने के बाद भी इसके कई हिस्से सेना के नियंत्रण में 2003 तक रहे.

लाल किला मुगल बादशाह शाहजहां की नई राजधानी, शाहजहांनाबाद का महल था. यह दिल्ली शहर की सातवीं मुस्लिम नगरी थी. उसने अपनी राजधानी को आगरा से दिल्ली बदला, अपने शासन की प्रतिष्ठा बढ़ाने के साथ ही अपनी नये-नये निर्माण कराने की महत्वाकांक्षा को पूरा करने में शाहजहां को ख़ास रुचि थी. लोकतंत्र में भी लाल क़िले की प्रतीकात्मक अहमियत बरकरार है. हर साल 15 अगस्त को किले की प्राचीर से देश के प्रधानमंत्री तिरंगा फहराने के बाद जनता को संबोधित करते हैं.

First published: 5 May 2017, 10:43 IST
 
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