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स्मॉग के कहर से निजात दिलाने को दिल्ली में लौटा ऑड-ईवन

कैच ब्यूरो | Updated on: 9 November 2017, 17:32 IST

दिल्ली में एक बार फिर से ऑड-ईवन फॉर्मूला लौट आया है. दिल्ली में स्मॉग से राहत देने के लिए इसे दिल्ली सरकार ने लागू करने का फैसला किया है. दिल्ली सरकार में परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि इस बार ये 13 नवंबर से 17 नवंबर तक चलेगा. इन पांच दिनो में दिल्ली में एक दिन ऑड नंबर की और एक दिन ईवन नंबर की गाड़ियां चलेंगी. निजी वाहनों के अलावा ऑटो और टैक्सी को इसमें शामिल नहीं किया गया है. हालांकि दो पहिया वाहनों को इससे राहत दी गई है.

दिल्ली में इस बार भी सीएनजी वाहनों को ऑड-ईवन फॉर्मूला से छूट दी गई है. दिल्ली के परिवहन मंत्री ने बताया कि सीएनजी वाहन वाले चालक IGL के दिल्ली स्थित 22 स्टेशनों पर स्टिकर लगवा सकते हैं. ये स्टिकर शुक्रवार से इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के स्टेशनो में दोपहर 2 बजे से मिलने शुरु हो जाएंगे.

जिन लोगों की गाड़ियों में ये स्टिकर लगें हैं उन्हें दोबारा ये स्टिकर लगाने की ज़रूरत नहीं है. कैलाश गहलोत ने कहा कि लोगों को होने वाली परेशानी से बचाने के लिए 1000 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंंगी. महिलाओं के साथ अगर 12 साल का बच्चा स्कूल यूनिफार्म मे है तो उन्हें भी ऑड-ईवन से छूट मिलेगी.

दिल्ली में 13 ,15 और 17 नवंबर को ऑड नंबर वाली गाड़िया चल सकेंगी. इसका मतलब जिन गाड़ियों के अंत में 1, 3, 5, 7 और 9 होगा वो इन दिनों दिल्ली की सड़कों पर चल सकेंगे. वहीं 14 और 17 नवंबर को ईवन नंबर की गाड़ियां चल सकेंगी. जिन गाड़ियों के अंत में 0, 2, 4, 6 और 8 होगा वो इस दिन दिल्ली की सड़कों पर चलेंगी. इस बार सिर्फ 5 दिनों के लिए चलाया गया है. इसकी वजह 17 नवंबर के बाद स्मॉग के कम होने को बताया गया है.

दरअसल गुरुवार को एनजीटी ने दिल्ली और पड़ोसी राज्यों को बढ़ते प्रदूषण को लेकर कड़ी फटकार लगाई है. राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने गुरुवार को इन राज्यों को फटकार लगाते हुए कहा कि आप लोग अभी तक प्रदूषण को रोकने के सभी पक्षों में फेल रहे हैं, प्रदूषण को रोकना सभी की जिम्मेदारी है.

गौरतलब है कि सोमवार से शुरू स्मॉग के कारण वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है. इसके कारण लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ा. कई इलाकों में लोग आंखों में जलन और खांसी की शिकायत कर रहे हैं. इस धुंध की वजह से यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा है. लोगों के स्वास्थ्य को ये धुंध लगातार नुकसान पहुंचा रही है. बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है. इसी वजह से दिल्ली सरकार ने स्कूलों को रविवार तक बंद कर दिया है.

जानकारी के मुताबिक दिल्ली में कई इलाकों में हवा की गुणवत्ता का सूचकांक 451 तक जा पहुंचा है, जबकि इसका अधिकतम स्तर 500 है. दिल्ली के लोधी रोड पर गुरुवार को पीएम 2.5 और पीएम 10 का लेवल 500 के पर जा चुका है. वही, पंजाबी बाग में तो पीएम 2.5 और पीएम 10 का लेवल 600 तक पहुंच चुका है. दिल्ली विश्वविद्यालय की बात करें तो यहां भी पीएम 2.5 और पीएम 10 का लेवल 500 से ज़्यादा ही है.

First published: 9 November 2017, 17:32 IST
 
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