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दिल्ली पुलिस ने प्रोटोकॉल बताकर तिरंगे में लपेटा मोर का शव, बढ़ा विवाद

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 May 2018, 14:31 IST

यह तो देश का बच्चा-बच्चा जानता है कि देश की सुरक्षा के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों व देश की महान शख्सियतों के शवों को सम्मान देने के लिए उनके पार्थिव शरीर को तिरंगे में लपेटा जाता है. लेकिन दिल्ली पुलिस के एक मोर को तिरंगे से लपेटना का मामला सामने आया है. दरसअल शुक्रवार को एक मृत मोर को दफनाने से पहले दिल्ली पुलिस ने उसे तिरंगे में लपेटा, जिस पर दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि यह सब कुछ प्रोटोकॉल के मुताबिक किया गया है क्योंकि मोर हमारा राष्ट्रीय पक्षी है.

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बता दें दिल्ली पुलिस को शुक्रवार को एक घायल मोर की सूचना मिली. जिसके बाद उसे लेकर वो अस्पताल गए. लेकिन गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई. जिसके बाद मोर को दफनाने से पहले तिरंगे से लपेटा गया. इस पर पुलिस का कहना है कि हमने मोर को पूरा सम्मान देते हुए तिरंगे में दफनाया क्योंकि वह हमारा राष्ट्रीय पक्षी है. तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी के अनुसार अगर हमें कोई मोर मिलेगा तो हम इसी प्रोटोकॉल का पालन करेंगे.

वहीं वन्यजीव कार्यकर्ताओं का कहना है कि मोर को तिरंगे में लपेटना गलत है और पुलिसकर्मियों ने वन्यजीव कानून का उल्लंघन किया है. उन्होंने कहा कि इस तरह का कोई प्रोटोकॉल नहीं है और यह गतिविधि वन्यजीव संरक्षण ऐक्ट, 1972 के उल्लंघन के दायरे में आ सकती है. इस ऐक्ट के तहत शेड्यूल-I जानवरों के शवों पर राज्य का अधिकार होता है और उनको जलाए जाने या दफनाने का अधिकार स्टेट फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के पास होता है.

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वहीं ऐनिमल ऐक्टिविस्ट गौरी मौलेखी के अनुसार यह वन्यजीव संरक्षण ऐक्ट का उल्लंघन है क्योंकि कोई एनजीओ या पुलिस मृत जानवर का पोस्टमॉर्टम नहीं करा सकती और न उसे दफना सकती है. ऐसे मामले वन विभाग को फॉरवर्ड किए जाते हैं और वही उनको दफनाना या जलाना सुनिश्चित करते हैं ताकि उनके अंगों की तस्करी न हो सके.

First published: 8 May 2018, 14:31 IST