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दिल्ली : हाई कोर्ट ने DMRC से पूछा- कम क्यों नहीं किया जा रहा है दिल्ली मेट्रो का किराया

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 September 2018, 10:50 IST

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने गुरुवार को राजधानी के डीटीसी बसों को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है. अजय माकन ने दिल्ली मेट्रो के किराए पर सब्सिडी की भी मांग की है. स्थिति को समझते हुए मुख्य न्यायाधीश राजेंद्र मेनन और न्यायमूर्ति वी के राव की एक खंडपीठ ने दिल्ली सरकार और दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को नोटिस जारी किया और पूछा है कि मेट्रो किराये सब्सिडी क्यों नहीं दी जानी चाहिए.

कांग्रेस नेता माकन ने अपने आवेदन में डीएमआरसी से आरटीआई के तहत प्राप्त आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि अक्टूबर 2017 में किराया वृद्धि के बाद मेट्रो प्रति दिन तीन लाख यात्रियों को खो रहा है. माकन के वकील विकास सिंह और वकील अमन पंवार ने अदालत में कहा कि प्रति दिन तीन लाख यात्रियों को खोने की लागत पर डीएमआरसी प्रति वर्ष 755.9 2 करोड़ रुपये अतिरिक्त कमाई कर रही है.

 

माकन ने एक लंबित रिट याचिका के लागू करने की मांग के लिए अदालत से संपर्क किया. मुख्य याचिका निपुन मल्होत्रा ने दायर की थी, जिन्होंने 300 करोड़ रुपये की लागत से 2,000 स्टैंडर्ड मंजिल वाली बसों की खरीद के लिए दिल्ली सरकार के कदम को चुनौती दी थी.

माकन ने अपनी याचिका में मांग की है कि दिल्ली मेट्रो सवारी को बहाल करने के लिए दिल्ली सरकार और केंद्र को 755.9 2 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी करने का निर्देश दिया जाए. अदालत ने 27 सितंबर को सुनवाई के लिए मामले को तय किया है.

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First published: 7 September 2018, 10:50 IST
 
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