Home » दिल्ली » The fight between AAP government and LT. Governor over CCTV cameras in Delhi, CM Arvind Kejriwal with his ministers and MLAs sit on dharna n
 

दिल्ली: केजरीवाल की अगुवाई में LG हाउस के बाहर धरने पर बैठी सरकार

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 May 2018, 18:50 IST

दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे लगवाने के प्रोजेक्ट पर राजनीतिक गरमा गई है. इसको लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल अपने पुराने रूप में लौटते दिखाई दे रहे हैं. सीएम अरविंद केजरीवाल ने उप राज्यपाल अनिल बैजल पर इस प्रोजेक्ट को रोकने का आरोप लगाया है.

केजरीवाल अपनी पूरी कैबिनेट और पार्टी विधायकों के साथ उप राज्यपाल के ऑफिस के बाहर धरने पर बैठ गए हैं. इससे पहले उन्होेंने अपने मंत्रियों के साथ उप राज्यपाल के दफ्तर तक पैदल मार्च निकाल विरोध जताया.

आम आदमी पार्टी का आरोप है कि उप राज्यपाल अनिल बैजल केंद्र की बीजेपी सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं. इसलिए वो दिल्ली में सीसीटीवी लगाने के प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं दे रहे हैं.

AAP पार्टी का कहना है कि दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा को देखते हुए दिल्ली में सीसीटीवी कैमरा लगाने जा रही है, लेकिन बीजेपी ऐसा करने नहीं दे रही है. बीजेपी उप राज्यपाल के जरिए इस प्रोजेक्ट को रोक रही है.

उन्होंने कहा कि बीजेपी के इस रवैये से जाहिर होता है कि वह महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कितनी चिंतित है. इसको लेकर सीएम केजरीवाल, दिल्ली सरकार के मंत्री और आप के विधायक धरने पर बैठ गए हैं. उनका कहना है कि वो एलजी से मिलना चाहते हैं, लेकिन एलजी ने सीएम केजरीवाल और कैबिनेट मंत्रियों को ही मुलाकात के लिए समय दिया है.

आपको बता दें कि बीजेपी और कांग्रेस इस परियोजना में घोटाला होने का आरोप लगाती रही है. विपक्षी पार्टियां इसको लेकर केजरीवाल सरकार के खिलाफ आए दिन धरना प्रदर्शन कर रही हैं. बीजेपी-कांग्रेस की मांग है कि इस परियोजना का कैंसिल कर देना चाहिए.

दिल्ली कांग्रेस ने प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन के नेतृत्व में रविवार को इसको लेकर केजरीवाल सरकार पर सीसीटीवी परियोजना में घोटाला करने का आरोप लगाते हुए कैंडल मार्च निकाला था. कांग्रेस का कहना है कि इस परियोजना की शुरुआती लागत 130 करोड़ रुपये थी जिसको टेंडर शर्तों में छूट देकर 571.40 करोड़ रुपये कर दिया गया है.

First published: 14 May 2018, 18:50 IST
 
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