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2 ट्रैकमैन की समझदारी से बची सैकड़ों लोगों की जान, गमछे और डंडे का इस्तेमाल कर रोका रेल हादसा

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 March 2018, 10:05 IST

दिल्ली में दो ट्रैकमैन की समझदारी ने एक बड़ा रेल हादसा टाल दिया. प्रियस्वामी और रामनिवास नाम के ये दोनों ट्रैकमैन दिल्ली के यमुना ब्रिज और तिलक ब्रिज के बीच ट्रैक की जांच कर रहे थे. तभी उन्हें पटरियों के एक सेक्शन पर कुछ गैप दिखाई दिया. इसी ट्रैक पर तेज स्पीड में शिवगंगा एक्सप्रेस आ रही थी. आनन-फानन में प्रियस्वामी ट्रेन की ओर दौड़ पड़े और अपने लाल गमछे से ड्राइवर को अलर्ट कर दिया. उसके बाद ड्राइवर ने ट्रेन को टूटे हुए ट्रेक से कुछ मीटर पहले रोक लिया.

बताया जा रहा है कि ये कोई पहला मौका नहीं है जब रामनिवास ने ऐसी किसी घटना को रोका हो. तीन साल पहले भी उन्हें पटरी में ऐसा ही एक गैप मिला था. जिसके बाद उन्होंने इस बारे में सीनियर अधिकारियों को बताकर ट्रेन को रुकवा दिया था. लेकिन इस बार उऩ्होंने खुद ही गमछा दिखा कर ट्रेन को हादसे से बचा लिया. क्योंकि रामनिवास और प्रियस्वामी के पास कोई फोन नहीं था. जिससे वे स्टेशन मास्टर को ट्रैक के टूटे होने की जानकारी दे पाते.

प्रियस्वामी के मुताबिक वे दोनों सुबह करीब 8 बजे ट्रैक की जांच कर रहे थे. प्रियस्वामी बताते हैं कि 'मैंने देखा कि यह पटरी हाल ही में टूटी थी और अगर ट्रेन इस पर से गुजरती तो तुरंत ही पटरी से उतर जाती. हमारे पास बहुत कम समय था क्योंकि वाराणसी से आ रही शिवगंगा एक्सप्रेस आने वाली थी. हमें ट्रेन का सायरन सुनाई दे रहा था. मेरे पास एक गमछा था जबकि राम निवास के पास एक घिसा हुआ लाल झंडा था.'

इसके बाद दोनों ने ही गमछा लहराना शुरू कर दिया ताकि ड्राइवर को ट्रेन रोकने का इशारा मिल जाए. रामनिवास बताते हैं कि ‘50-60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आ रही ट्रेन को रुकने के लिए कम से कम 100 मीटर की दूरी चाहिए होती है. ट्रेन को आप कार की तरह नहीं रोक सकते हैं और हमारे दिमाग में यह बात थी. ट्रेन यमुना ब्रिज पर पहुंच चुकी थी और यह तेज स्पीड में होती तो हमें कुचलते हुए भी निकल सकती थी. क्योंकि वहां लाइन में हल्का सा घुमाव है लेकिन हमने यह रिस्क लेने का निर्णय लिया.'

प्रियस्वामी बताते हैं कि ड्राइवर को हमारा इशारा मिल गया और उन्होंने ट्रेन को पहले ही रोक दिया. इसके बाद ड्राइवर ने हमारा शुक्रिया भी अदा किया. बता दें कि घटना के बाद ट्रैक की मरम्मत होने में लगभग आधे घंटे का समय लगा. नॉर्दन रेलवे के डेप्युटी मैनेजर आरएन सिंह ने दोनों गैंगमैनों को बहादुरी के लिए इनाम देने का फैसला लिया है.

First published: 15 March 2018, 10:05 IST
 
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