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बिहार के इस लाल ने रचा इतिहास, एक साथ क्रैक किया IIT-JEE, AIMS और सभी टॉप एग्जाम

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 June 2019, 16:10 IST

अगर किसी चीज को एक बार ठान लिया जाए, तो उसे हासिल करना मुश्किल नहीं होता. सच्ची मेहनत और लगन के साथ हर काम आसान हो जाता है और कामयाबी आपके कदम चूमती है. ऐसा ही कुछ बिहार के लाल आदित्य कुमार सिंह ने करके दिखाया.

आदित्य कुमार ने पहली बार में ही JEE Main, NEET और AIMS की प्रवेश परीक्षा को क्रैक किया. इतना ही नहीं आदित्य का चयन भारतीय विज्ञान संस्थान, बेंगलुरु (आईआईएस) में किशोर वैज्ञानिक प्रोत्साहन योजना में रिसर्च के रूप में चयन हुआ है.


आदित्य की पढ़ाई पटना के बेली रोड पर स्थित केंद्रीय विद्यालय में हुई है. आश्चर्य की बात ये है कि आदित्य ने इन परीक्षा परिणाम में अच्छे अंक के साथ रैंक अच्छे रैंक भी हासिल किया है. इन्होंने JEE Main में 19 हजार रैंक, एम्स में 28 सौ और नीट में 1758 रैंक हासिल की है. इसके साथ ही इन्होंने आईआईएस, बेंगलुरु में 401 रैंक हासिल की है.

आदित्य ने कहा कि वे शुरू से ही अपना करियर मेडिकल में ही बनाना चाहते हैं. अबतक नीट में करीब 15 प्रतिशत लोगों ने काउंसिलिंग के लिए अपना पंजीकरण करवाया हैं. आदित्य ने कहा कि 12वीं में इन्होंने फिजीक्स, कैमिट्री और बायोलोजी के साथ अतिरिक्त विषय के रूप में गणित लिया था, जिसका उन्हें इन परीक्षाओं में सफलता हासिल करने में मदद मिली है.

स्कूलिंग से हुआ कांसेप्ट क्लीयर

आदित्य ने कहा, "मेरी इस सफलता के पीछे स्कूल की नियमित पढ़ाई थी. क्योंकि मैं एक भी दिन स्कूल से अनुपस्थिति नहीं रहता था. प्लस टू में 96 फीसदी उपस्थिति रही. स्कूल के शिक्षक हर विषय में कांसेप्ट क्लीयर करके पढ़ाते हैं. इससे हर चैप्टर पर पूरी पकड़ थी."

आदित्य मूल रूप से बिहारशरीफ के रहने वाले हैं. आदित्य के पिता का नाम कृष्ण कांत सिंह है, जो एयरफोर्स से रिटायर्ड है और फिलहाल वे बैंक ऑफ बड़ौदा में कार्यरत हैं. वहीं इनका माता पिंकी सिंह हाउस वाइफ हैं.

चिकन पॉक्स की वजह से नहीं दे पाए JEE एडवांस

आदित्य कुमार ने बताया कि एंट्रैस एग्जाम के दौरान उन्हें चिकन पॉक्स हो गया था, जिसकी वजह से वे जेईई एडवांस नहीं दे पाए थे. क्योंकि जेईई एडवांस दो पालियों में होता है. वे इतने समय तक नहीं बैठ पाते. लेकिन आदित्य ने चिकन पॉक्स के दौरान ही एम्स की परीक्षा ही और इस परीक्षा में सफलता हासिल की.

प्रिंसिपल ने क्या कहा?

केंद्रीय विद्यालय के प्रिंसिपल पीके सिंह ने कहा, "आदित्य कुमार ने यह कर दिखाया कि योजना सही दिशा में बने तो सफलता मिलती है. इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी अलग-अलग है लेकिन सेल्फ स्टडी से हर कुछ संभव है."

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First published: 25 June 2019, 16:10 IST
 
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