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हरियाणा: 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान का उड़ा मजाक, 10वीं में पढ़ने वाली सभी छात्राएं फेल

कैच ब्यूरो | Updated on: 27 June 2018, 12:05 IST
(प्रतीकात्मक फोटो)

इन दिनों सभी राज्यों के बोर्ड के नतीजे आ रहे हैं. देश में माध्यमिक शिक्षा के बोर्ड ने दसवीं के नतीजे जारी कर दिए हैं. हरियाणा बोर्ड ने भी 21 मई को दसवीं के नतीजे जारी किए थे. जिसमें जींद के कार्तिक ने टॉप किया था, लेकिन पास होने के मामले में लड़कियों ने बाजी मारी थी. हरियाणा के हिसार में एक सरकारी स्कूल के दसवीं के नतीजे चौंकाने वाले थे, जिसमें स्कूल के सभी स्टूडेंट्स फेल हो गए.

हरिणाया वही राज्य है. जहां बीजेपी की सरकार है और राज्य की खट्टर सरकार बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान को लेकर खूब प्रचार करती है. लेकिन राज्य के एक सरकारी स्कूल की सभी छात्राओं के फेल होने पर सरकारी की ओर उंगलियां उठना लाजमी है.

दरअसल, हिसार जिले के काबरेल गांव के राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय की सभी छात्राएं इस साल 10 वीं कक्षा की परीक्षा में फेल हो गईं. हरियाणा शिक्षा स्कूल शिक्षा बोर्ड ने पिछले महीने 21 तारीख को नतीजे जारी किए थे जिसमें स्कूल में पढ़ने वाली सभी 24 छात्राएं फेल हो गईं.

इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह जिले का एकमात्र स्कूल है जिसने इतना खराब प्रदर्शन किया है. वहीं ग्रामीणों ने हाईस्कूल में छात्राओंं के खराब परिणाम के लिए हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग को जिम्मेदार ठहराया है.

एक स्थानीय निवासी का कहना है कि, "एक ओर सरकार ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम पर इतना जोर देती है जबकि दूसरी ओर अधिकारियों ने स्कूल में स्टाफ की कमी की समस्या को हल करने के लिए कुछ नहीं किया.”

ग्रामीणों का दावा है कि ग्राम पंचायत ने जिला प्रशासन से कई बार स्कूल में पर्याप्त संख्या में शिक्षक मुहैया कराने की मांग की, लेकिन स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया. वहीं गांव के सरपंच धर्म सिंह का कहना है कि पिछले शैक्षिक सत्र में स्कूल में संस्कृत, हिंदी, विज्ञान और गणित के शिक्षक नहीं थे.

गांव के सरपंच कहते हैं कि, “छात्राओं ने कई बार स्कूल में स्टाफ की कमी की शिकायत की." वहीं गांव के एक अन्य बुजुर्ग कहते हैं कि स्कूल में पिछले चार साल से विभिन्न विषयों के शिक्षक नहीं हैं. स्कूल के एक शिक्षक के मुताबिक चार साल से हेडमास्टर का पद खाली पड़ा है. शिक्षक के मुताबिक परीक्षा में फेल हुईं 24 छात्राओं में से 15 ने स्कूल में फिर से दाखिला लिया है.

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First published: 27 June 2018, 12:03 IST
 
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