Home » Education News » Atal Bihari Vajpayee’s contribution towards education, Sarva Shiksha Abhiyan and other sector
 

अटल के ड्रीम-प्रोजेक्ट 'सर्व शिक्षा अभियान' से 19 करोड़ छात्रों को मिल रहा है लाभ

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2018, 14:10 IST

पूर्व प्रधानमंत्री और सर्वमान्य नेता अटल विहारी वाजपेयी का दिल्ली के एम्स में 16 अगस्त को निधन हो गया. बहुमुखी प्रतिभा के संपन्न भारत रत्न अटल जी ने भारत के प्रधान मंत्री के कार्यकाल के दौरान शिक्षा क्षेत्र में क्रन्तिकारी योगदान दिए और कई महत्वपूर्ण पहल किए. अटल जी का सपना था कि भारत के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से शिक्षा मिले.

वाजपेयी जी ने अपना ड्रीम-प्रोजेक्ट "सर्व शिक्षा अभियान" चलाया जिससे देश के सभी बच्चों की बुनियादी शिक्षा सुनिश्चित की जा सके.पूर्व प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा साल 2000-2001 में लॉन्च की गई. तत्कालीन एनडीए सरकार ने 6 से 14 वर्षों के बीच बच्चों को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने के लिए 'सर्व शिक्षा अभियान' की घोषणा की थी.

सर्व शिक्षा अभियान की सफलता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साल 2013 में  केंद्र सरकार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक साल 209 में 80 लाख बच्चों ने स्कूल छोड़ दिया था जबकि 2012 में यह आंकड़ा घटकर 30 लाख रह गया. स्कूल में एडमिशन दर बढ़कर 99.8 प्रतिशत हो गया.

वर्तमान में अटल जी के सपनों का प्रोजेक्ट , "सर्व शिक्षा अभियान" के अंतर्गत प्राथमिक स्तर पर 66.27 लाख शिक्षक मौजूद हैं. देश भर में 14.5 लाख प्राथमिक विद्यालयों में नामांकित 19.67 करोड़ बच्चे शिक्षा का लाभ ले रहें हैं. इस योजना की व्यापकता का अनुमान इतनी बड़ी संख्या में लाभान्वितों के आंकड़ों को देखकर लगाया जा सकता है.

वाजपेयी जी एक दूरदर्शी नेता थे, वो अशिक्षा को सबसे बड़ा अभिशाप मानते थे. अटल जी ऐसे शख्शियत थे जिन्होंने कवि ह्रदय होकर भी एक पोखरण परमाणु परीक्षण किया और पूरे विश्व में भारत को अहम् स्थान दिलाया, पड़ोसी पाकिस्तान को भी उसके दुष्टता का दंड कारगिल युद्ध में दिया. विपक्षी पार्टियों के लिए भी वे हमेशा प्रेरणास्त्रोत रहे.

First published: 17 August 2018, 14:10 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी