Home » Education News » CBSE Board Exam 2018: CBSE will conduct counselling to students for Exam tension management
 

CBSE Board Exam 2018: परीक्षाओं के तनाव से निपटने के लिए CBSE करेगी काउंसलिंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 February 2018, 13:13 IST
(प्रतीकात्मक तस्वीर)

CBSC बोर्ड परीक्षाओं में तनाव को कम करने के लिए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड इस साल काउंसलिंग की सुविधा देगा. परीक्षाओं के तनाव से निपटने के लिए ये सुविधा मुहैया करवाई जा रही है. सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा को ज्यादा वक़्त नहीं है परीक्षा से जुडी परेशानियों से निपटने के लिए बोर्ड हेल्पलाइन के जरिये मदद कर रहा है. ये काउंसलिंग एक फरवरी से शुरू होकर 13 अप्रैल तक चलेगी. काउंसलिंग सुविधा सुबह 8 से रात 10 बजे तक जारी रहेगी.

सीबीएसई की प्रवक्ता रमा शर्मा ने बताया कि इस साल 91 प्रधानाचार्य, विशेष प्रशिक्षित काउंसलर और मनोवैज्ञानिक टेली-काउंसलिंग में हिस्सा लेंगे ताकि परीक्षा को लेकर छात्रों की मनोवैज्ञानिक समस्याओं का निदान कर किया जा सके. उन्होंने बताया कि इनमें से 71 परामर्शक भारत में उपलब्ध होंगे जबकि शेष 20 नेपाल, सऊदी अरब, ओमान, यूएई, कुवैत, सिंगापुर, कतर और जापान में उपलब्ध होंगे.

 

भारत में 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्र परीक्षा से जुड़ी चिंताओं, तनाव या अन्य सवालों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-11-8004 के जरिए परामर्शदाताओं से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा, सीबीएसई के विशेषज्ञ फरवरी में बड़े राष्ट्रीय अखबारों में 'सवाल-जवाब के जरिए छात्रों के सवालों के जवाब देंगे. निशक्त बच्चों के लिये विशेष परामर्शकों की सेवाएं उपलब्ध होंगी. टोल फ्री नंबर के अलावा छात्र ऑनलाइन काउंसलिंग का लाभ, counselling.cecbse@gmail.com पर मेल कर उठा सकते हैं.

उन्होंने कहा कि परामर्शक न सिर्फ तनाव को दूर करने में मदद करेंगे बल्कि वे यह भी बताएंगे कि बच्चे अपनी परीक्षा की तैयारी किस तरह से करें, विषयों की तैयारी किस तरह करें. इसके अलावा उन्हें अगर परीक्षा को लेकर कोई डर या घबराहट है तो उन समस्याओं को भी दूर करने में मदद करेंगे.

भारतीय विद्या भवन की प्राचार्य अंजु टंडन ने कहा कि सीबीएसई की ओर से परीक्षा कार्यक्रम जारी किये जाने के बाद लगभग सभी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं आयोजित की जा रही हैं. बच्चों की दुविधाओं को दूर करने के लिए एक घंटे की अतिरिक्त कक्षा आयोजित की जा रही है और यह अतिरिक्त कक्षा रोजाना स्कूल खत्म होने के बाद चला करेगी.

बोर्ड परीक्षा के समय छात्रों को पढाई के साथ मनोवैज्ञानिक समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है. ऐसे में बच्चों के लिए तनावमुक्त रहना सबसे जरूरी है. घर में तनावमुक्त माहौल जरूरी है. इसके साथ ही विषय से जुडी परेशानियों का भी निवारण करने कि कोशिश कि जाएगी.

First published: 1 February 2018, 13:13 IST
 
अगली कहानी