Home » Education News » CBSE has made major changes in the 10th board examination in the year 2019, students have to pass separately in the internal assessment with
 

CBSE ने बोर्ड परीक्षा पैटर्न में किए ये बड़े बदलाव, अब पास करना नहीं होगा आसान

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 October 2018, 11:07 IST

CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) ने साल 2019 में होने वाली 10वीं की बोर्ड परीक्षा में बड़ा बदलाव किया है. अगले साल होनेवाली 10वीं की परीक्षा में थ्योरी के साथ इंटरनल असेसमेंट में अलग-अलग पास करना होगा. अभी 100 अंकों के पेपर में 80 अंक की थ्योरी और 20 अंक की इंटरनल मार्क्स का प्रावधान है.

साल 2019 से बोर्ड परीक्षा में 80 अंक के सभी थ्योरी पेपर में 33 फीसदी यानी 27 अंक लाना अनिवार्य होगा जबकि 20 अंक के इंटरनल असेसमेंट में भी 33 प्रतिशत यानी 7 अंक लाना होगा. मतलब अलग-अलग पासिंग मार्क्स लाने पर ही उत्तीर्णता मानी जायेगी. यह नियम पहली बार 10वीं बोर्ड के लिए लागू हो रहा है.

रिजल्ट पर होगा ये असर

अंकों के नए प्रावधान का असर 2019 के बोर्ड रिजल्ट पर निश्चित तौर से देखने को मिलेगा. गौरतलब है कि इस साल यानि 2018 में बड़ी संख्या में ऐसे स्टूडेंट्स थे जिन्हें इंटरनल असेसमेंट में अच्छे मार्क्स आए लेकिन थ्योरी में कम अंक प्राप्त हुए थे. दोनों के अंक एक साथ जोड़ दिए गए इसलिए छात्र पास कर पाए. अलग-अलग उत्तीर्णता का पैरामीटर होने से बड़ी संख्या में छात्रों के रिजल्ट पर नेगेटिव इफेक्ट होगा और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

CBSE ने 2018 से10वीं में स्कूल बोर्ड को समाप्त कर सिर्फ बोर्ड एग्जाम लागू किया था. 2018 में छात्रों को सहूलियत देने के लिए बोर्ड ने थ्योरी और इंटरनल मार्क्स को मिलाकर पास का प्रावधान किया था. यह नियम सिर्फ 2018 के लिए था और इसे 2019 में इसे समाप्त कर दिया गया. थ्योरी परीक्षा 80 अंकों का होता है जिसे बोर्ड लेता है जबकि 20 अंक का इंटरनल असेसमेंट स्कूल के स्तर पर होता है, इसमें प्रोजेक्ट वर्क, अटेंडेंस, होम वर्क आदि के अंक जुड़ते हैं.

स्कूल नहीं कर पाएंगे मनमानी

साल 2019 बोर्ड एग्जाम में इंटरनल असेसमेंट के अंक पर बोर्ड की नजर रहेगी. बोर्ड उन छात्रों के रिजल्ट को देखेगा जिन्हें इंटरनल में अच्छे मार्क्स है जबकि थ्योरी में कम आए हैं, ऐसे स्टूडेंट्स के इंटरनल अंक की भी जांच होगी. ज्यादातर स्कूल मनमाने तरीके से इंटरनल असेसमेंट में अंक देते हैं, क्योंकि उन्हें अपने स्कूल का औसत रिजल्ट बेहतर करना होता है.

First published: 2 October 2018, 11:07 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी