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NEET 2018: स्टूडेंट्स को मिलेंगे 196 अंकों के ग्रेस मार्क्स, हाई कोर्ट ने CBSE को दिए निर्देश

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 July 2018, 12:40 IST

मद्रास हाई कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) द्वारा मेडिकल कोर्सेस में दाखिले के लिए आयोजित NEET (National Eligibility cum Entrance Test) 2018 परीक्षा में गलत सवाल पूछने के लिए उम्मीदवारों को 196 अंकों का ग्रेस मार्क्स देने का निर्देश दिया है. दरअसल तमिल भाषा में NEET के पेपर में गलत सवाल (Translating Errors) और मिस प्रिंट की वजह से गलतियां थीं.

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स्टूडेंट्स ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इसकी शिकायत की थी. इस याचिका में ये दलील दी गई कि CBSE की गलतियों की वजह से तमिल स्टूडेंट्स देश के अन्य छात्रों से पिछड़ जाएंगे. मद्रास हाई कोर्ट मामले पर संज्ञान लेते हुए CBSE को निर्देश दिए कि जिन छात्रों ने तमिल भाषा में परीक्षा दी थी उन्हें 196 अंकों का ग्रेस मार्क्स दिया जाए.

NEET 2018 प्रवेश परीक्षा 6 मई को आयोजित की गई थी जिसमें 13 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था. देश भर के मेडिकल / डेंटल कॉलेजों में MBBS / BDS कोर्सेस में एडमिशन के लिए सीबीएसई द्वारा NEET परीक्षा आयोजित की जाती है. यह परीक्षा देश भर के 2,255 सेंटर्स कर आयोजित की गई थी.

इस मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के मुताबिक इस बार पिछले साल के मुकाबले फिजिक्स का पेपर ज्यादा मुश्किल था. नीट का रिजल्ट 4 जून को घोषित किया जा चुका है, ऐसे में ग्रेस मार्क्स देने से CBSE की मुश्किलें बढ़ सकती है.

First published: 10 July 2018, 12:41 IST
 
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