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सरकार ने लांच की 'RISE', हायर एजुकेशन और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

कैच ब्यूरो | Updated on: 15 February 2018, 10:16 IST

हायर एजुकेशन की हालत को संज्ञान लेते हुए सरकार ने कुछ सकारात्मक कदम उड़ाने का फैसला किया है. हायर एजुकेशन की गुड़वत्ता को बढ़ने के लिए और रिसर्च को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने बजट में करीब 70 पर्सेंट की बढ़ोतरी की है. नए टेक्निकल इंस्टिट्यूट को रिसर्च इन्फ्रास्ट्रक्चर बनाने और ग्लोबल रैंकिंग में जगह बनाने में केंद्र सरकार मदद करेगी.

रिवाइटलाइंजिग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड सिस्टम्स इन एजुकेशन (RISE) मॉडल के तहत सरकार अगले चार साल में 1 लाख करोड़ रुपए उपलब्ध कराएगी. हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट्स को हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी (हेफा) के तहत फंड किया जाएगा.
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फंडिंग के लिए होंगी दो नई विंडो
अब तक हेफा से जो भी हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूट लोन लेते थे, उन्हें 10 साल में लोन की रकम चुकाने का प्रावधान है, इसका ब्याज सरकार अदा करती है. लेकिन अब ब्याज के साथ-साथ सरकार कुछ इंस्टिट्यूट्स के लोन की 75 पर्सेंट से लेकर 90 पर्सेंट तक की रकम भी चुकाएगी.

हायर एजुकेशन फाइनेंसिंग एजेंसी (हेफा) के तहत 10 साल के लिए लोन दिया जाता है. अगर सेंट्रल गर्वनमेंट फंडेड किसी नए टेक्निकल इंस्टिट्यूट को हेफा से लोन लेना होगा तो लोन की रकम का 75 पर्सेंट हिस्सा और पूरा ब्याज सरकार अदा करेगी. इंस्टि्टयूट को बस 25 पर्सेंट रकम चुकानी होगी.

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के लिए अलग प्रावधान
इस विंडो के तहत अगर किसी सेंट्रल यूनिवर्सिटी को हेफा से लोन मिलेगा तो उसका 90 पर्सेंट अमाउंट और पूरा ब्याज केंद्र सरकार चुकाएगी. मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, इसके लिए हेफा मार्केट से 1 लाख करोड़ रुपये फंड जुटाएगा. सरकार लोन वापस करने में करीब 21 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी.

ख़ास बातें
- हर साल 1000 बेस्ट टैलंट को चुना जाएगा, जो आईआईटी और आईआईएससी में रिसर्च करेंगे.

-यह नैनो टेक्नॉलजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिवेलपिंग न्यू मटीरियल जैसे सब्जेक्ट पर होगी.

-आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईटी और आईसीएसएसआर के बीटेक स्टूडेंट्स में से चुने जाएंगे.

-पीएचडी के दौरान पहले-दूसरे साल 70 हजार मासिक और तीसरे साल में 75 हजार रुपये मिलेंगे.

-चौथे, पांचवें साल में 80 हजार रुपये महीने मिलेंगे, फिर सीधे असिस्टेंट प्रफेसर का जॉब मिलेगा.

-इसका मकसद अच्छे स्टूडेंट्स को बाहर जाने से रोकना है और खास रिसर्च को बढ़ावा देना भी है.

First published: 15 February 2018, 9:53 IST
 
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