Home » Education News » Himachal Pradesh: Prisoner teaching science online to 10th and 12th class students getting 8 lakh per year
 

जेल से दसवीं और 12वीं के स्टूडेंट्स को ऑनलाइन साइंस पढ़ा रहा है कैदी, हर साल कमा रहा आठ लाख रुपये

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 October 2020, 7:27 IST

Prisoner teaching science online: कोरोना काल (Corona Period) में जहां स्कूल-कॉलेज (School-Colleges) अभी तक नहीं खुले हैं वहीं ऑनलाइन क्लास (Online Class) का नया चलन शुरु हुआ है. ऐसे में देशभर में तमाम स्कूल-कॉलेज बच्चों को ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ा रहे हैं. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) से एक ऐसा मामला सामने आया है जहां जेल में बंद एक कैदी बोर्ड परीक्षा (Board Exams) में बैठने जा रहे स्टूडेंट्स को ऑनलाइन माध्यम से पढ़ा रहा है. यही नहीं इससे वह कई लाख रुपये की सालाना कमाई कर रहा है.

दरअसल, ये कैदी जेल (Jail) में उम्रकैद की सजा (Life Imprisonment) काट रहा है. जब ऑनलाइन क्लास लेने वाली एक नामी कंपनी ने इस कैदी की काबिलियत देखी तो उसे आठ लाख रुपये सालाना पैकेज की नौकरी दे दी. अब ये कैदी दसवीं और बारहवीं के छात्रों को ऑनलाइन क्लास के जरिए साइंस पढ़ा रहा है. कैदी के इस सकारात्मक रुख को देखते हुए जेल विभाग भी उसे हरसंभव सहायता देकर आगे बढ़ने में मदद कर रहा है. हिमाचल में ऐसा पहला मामला है, जब किसी कैदी को किसी शैक्षणिक संस्था ने इतने बड़े पैकेज पर अपने यहां सेवाएं देने के लिए चुना है.


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बता दें कि राजधानी शिमला की जेल में बंद कैदी ने राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी संस्थान से पढ़ाई की है. वह साल 2010 में प्रेमिका के साथ खुदकुशी की कोशिश के दौरान प्रेमिका की मौत और इसके बच जाने ने इसके जीवन को बदल दिया. हत्या के मामले में उसे उम्रकैद की सजा हो गई. इसी बीच डीजी जेल सोमेश गोयल ने हर हाथ को काम अभियान शुरू कर हुनरमंद कैदियों को काम दिलाने की कवायद शुरू की. तकनीकी शिक्षा हासिल किए इस कैदी से शुरुआती दौर में जेल विभाग के तकनीकी कार्यों के लिए सेवाएं लेना शुरू किया.

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इसके बाद जेल विभाग की भर्ती परीक्षा के लिए भी सॉफ्टवेयर बनाने में उसने मदद ली. पढ़ा-लिखा होने के  कारण पिछले साल उसने एक स्थानीय कोचिंग सेंटर में युवाओं को पढ़ाना शुरू किया. उसके पढ़ाने का तरीका इतना अच्छा था कि बच्चों ने भी उससे ही पढ़ने में रुचि दिखाई. जैसे ही बच्चों को पढ़ाने को लेकर उसका नाम बढ़ने लगा तो कुछ समय पहले उसे देश की एक नामी कंपनी ने ऑनलाइन साइंस की क्लास पढ़ाने के लिए रख लिया. डीजी जेल के मुताबिक, किन्हीं कारणों से सजा काटने वाले लोगों को आगे बढ़ने में मदद करना जरूरी है. ऐसे प्रयास किए गए हैं, जिससे उद्योगों व कंपनियों के सहयोग मिलने से कैदियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है. अब ये कैदी हर दिन हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के स्टूडेंट्स को साइंस पढ़ाता है.

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First published: 21 October 2020, 7:28 IST
 
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