Home » Education News » HRD has directed the Public Sector undertakings that they also hold Degree holders from Open and Distance Education recognized by UGC
 

मोदी सरकार ने PSU कंपनियों से कहा, ओपन और डिस्टेंस डिग्री धारकों को भी दें नौकरी

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 June 2018, 15:51 IST
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केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र (पब्लिक सेक्टर -PSU) उपक्रमों को निर्देश दिया है कि वे यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) से मान्यता प्राप्त ओपन एवं डिस्टेंस एजुकेशन से डिग्री/ डिप्लोमा धारकों को भी नौकरी पर रखें और उन्हें रेगुलर कोर्स के समान ही वेटेज दिया जाए. सामन्यतः पीएसयू कंपनी डिस्टेंस कोर्स वाले उम्मीदवारों के लिए नियुक्ति में दोहरा मापदंड अपनाती हैं.

सरकार को इस मामले में बहुत सारे स्टूडेंट्स और संस्थानों के द्वारा शिकायत प्राप्त हुई थी जिसके बाद यह कदम उठाया गया है. मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय ने इसी महीने सार्वजनिक उपक्रम विभाग को दिशा-निर्देश जारी करते हुए पत्र लिखा है और कहा है कि मुक्त एवं दूरस्थ विश्वविद्यालयों के डिग्रीधारकों को भी सामन अवसर दिया जाए और उनकी डिग्री भी को भी मान्यता दी जाए.

इसी पत्र पर कदम उठाते हुए पब्लिक सेक्टर विभाग ने कहा है कि सार्वजनिक उपक्रमों के बोर्ड द्वारा निदेशक मंडल स्तर से नीचे के पद के लिए नियुक्ति की जाती है. विभाग ने कहा है कि प्रशासनिक मंत्रालयों तथा विभागों से आग्रह किया जाता है कि वे मानव संसाधन मंत्रालय और यूजीसी की विभिन्न नोटिफिकेशन / सुर्कलर का संज्ञान लें.

मानव संसाधन मंत्रालय के सचिव आर सुब्रमण्यम ने सार्वजनिक उपक्रम विभाग की सचिव सीमा बहुगुणा को भेजे पत्र में कहा है कि सरकार लगातार यह कहती रही है कि 'मुक्त एवं दूरस्थ पढाई (ओडीएल) के जरिये हासिल डिग्री सरकारी और सार्वजनिक उपक्रमों में नौकरी के लिए मान्य है.

लेकिन बहुतायत PSUs इसे मान्यता नहीं देती है और उम्मीदवारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.मानव संसाधन मंत्रालय के इस कदम से लाखों उम्मीदवारों को राहत मिलेगी, और उनके करियर को सफल बनाने में भी काफी उपयोगी साबित होगी.

First published: 2 June 2018, 15:51 IST
 
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