Home » Education News » IITs will offer 500 seats to candidates from economically weaker sections from this year: Report
 

देश के IIT संस्थानों में इस साल गरीबों के लिए आरक्षित होंगी 500 सीटें

कैच ब्यूरो | Updated on: 3 April 2019, 11:10 IST

 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान 2019-20 शैक्षणिक वर्ष से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उम्मीदवारों को 500 सीटें प्रदान करेंगे. जनवरी में सवर्णों के बीच गरीबों के लिए 10% आरक्षण की शुरूआत के बाद यह कदम उठाया गया है. आर्थिक रूप से गरीब वर्गों के छात्रों के लिए सीटों की कुल संख्या में वृद्धि की जाएगी.

आईआईटी-रुड़की के निदेशक एके चतुर्वेदी ने अख़बार हिंदुस्तान टाइम्स को बताया, "2019 में ईडब्ल्यूएस श्रेणी की शुरुआत के साथ, आईआईटी उम्मीदवारों को लगभग 500 सीटें देने जा रहा है, जो लगभग 4% ईडब्ल्यूएस कोटा है." उन्होंने कहा “इससे कुल सीटों की संख्या 9% की वृद्धि होगी. इस प्रकार सीटों की कुल संख्या 12,500 को पार कर जाएगी.”


 

इस साल संयुक्त प्रवेश परीक्षा (एडवांस्ड) आयोजित करने वाले आईआईटी-रुड़की ने कहा है कि जेईई (मेन) के शीर्ष 2.45 लाख उम्मीदवार इस साल जेईई (एडवांस्ड) के लिए पात्र होंगे. इसमें सामान्य-आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग श्रेणी के 9,310 और सामान्य-आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग-विकलांग श्रेणी के 490 उम्मीदवार शामिल हैं.

IIT-Delhi के लिए JEE 2019 के चेयरपर्सन सिद्धार्थ पांडे ने कहा: “इस साल, IIT-Delhi 5.6% EWS कोटा लागू करेगा. हमारे पास कुल 105 सीटों की वृद्धि होगी. इसके लिए हम पहले से ही लड़कियों और लड़कों के छात्रावास का निर्माण कर रहे हैं.

जेईई वह परीक्षा है जिसके माध्यम से उम्मीदवार भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान में प्रवेश लेते हैं. IIT-Madras इस शैक्षणिक वर्ष में आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए 4% कोटा लागू करेगा. निदेशक भास्कर राममूर्ति ने कहा, "इससे ढांचागत चुनौतियां आएंगी, लेकिन यह उल्लेखनीय है. कक्षाओं में कोई समस्या नहीं होगी लेकिन आवास के लिए काम करना होगा."

First published: 3 April 2019, 11:10 IST
 
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