Home » Education News » JEE Main 2018 Result: CBSE declares the results of the JEE Main , Andhra pradesh boy Suraj Krishna secures AIR-1 and Hemant get AIR-2
 

JEE MAIN 2018: सूरज कृष्ण क्यों बने टॉपर, जानिए उनकी जुबानी

कैच ब्यूरो | Updated on: 1 May 2018, 9:32 IST

सीबीएसई ने देश भर के IIT,NIT और अन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में एडमिशन के लिए आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) मेन्स का रिजल्ट घोषित कर दिया है. इस साल जेईई (मेन) परीक्षा का रिजल्ट कुछ अलग था, खास बात यह रही कि ऑल इंडिया टॉप 6 रैंक लाने वाले सभी स्टूडेंट्स ने 350 मार्क्स हासिल किया है. उनकी रैंकिंग के लिए सीबीएसई को कई मापदंड अपनाना पड़ा. आंध्र प्रदेश के सूरज कृष्ण भोगी को टॉप(AIR-1) घोषित किया गया और आंध्र प्रदेश के ही के.वी.हेमंत कुमार चोडिपिल्ली ने दूसरी और महाराष्ट्र के नांदेड़ से पार्थ लतुरिया ने तीसरा स्थान हासिल किया है.

गौरतलब है कि टॉप-10 स्टूडेंट्स में से 6 आंध्र-तेलंगाना के हैं जबकि तीन छात्र कोटा(राजस्थान) से हैं. पटना के अतुल्य कुमार वर्मा को देशभर में 17वां स्थान मिला है. कुल 360 अंकों की परीक्षा में अतुल्य ने 338 अंक प्राप्त किए हैं. टॉप 20 में देशभर में बिहार से एकमात्र छात्र अतुल्य ही है. अतुल्य ने कोटा से पढ़ाई की है, उसके पिता अशोक कुमार वर्मा वकील है.

इस साल सभी कैटिगरी के लिए ओवरऑल कटऑफ में काफी कमी आई है. कॉमन रैंक लिस्ट कटऑफ 81 मार्क्स  से 74 हो गया है.  पिछले साल की तुलना में इस साल 10 हजार ज्यादा छात्रों ने जेईई-एडवांस्ड के लिए क्वालीफाई किया है. इस बार एडवांस्ड के लिए 2 लाख 31 हजार 24 छात्रों ने क्वालीफाई किया है, जबकि पिछले साल 2 लाख 21 हजार 427 छात्रों ने क्वालीफाई किया था.

AIR-1 प्राप्त करने वाले सूरज कृष्ण ने बताया कि वह आईआईटी बॉम्बे में दाखिला लेना चाहता है. इतनी बड़ी सफलता के बाद TOI  से बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं रोमांचित महसूस कर रहा हूं. मैंने एग्जाम की तैयारी के लिए कोई खास पैटर्न नहीं अपनाया था. औसतन मैंने हर रोज नौ घंटे पढ़ाई की. मेरे संयम का मुझे फल मिला है क्योंकि जब तक मैं कोई स्पेसिफिक  टॉपिक पूरा नहीं कर लेता था तब तक किताब छोड़कर नहीं उठता था. उन्हें क्रिकेट का शौक है और उन्होंने बताया कि उनको एग्जाम की तैयारी के लिए क्रिकेट के अपने समय में कटौती करनी पड़ी.

दूसरे टॉपर (AIR-2) हेमंत ने भी कड़ी मेहनत  के बाद ये सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि रिजल्ट से उनको कोई आश्चर्य नहीं हुआ. उन्होंने कहा 'मैंने जेईई की तैयारी के लिए रोजाना 5 घंटे तक पढ़ाई की है. अपने फैकल्टी मेंबर्स के सहयोग से मैं परीक्षा में 350 मार्क्स लाने में कामयाब रहा. मेरे माता -पिता  मुंबई में रहते हैं इसलिए मैं वहां आईआईटी में एडमिशन दाखिला लेना चाहता हूं और कंप्यूटर स्ट्रीम मेरी पसंदीदा स्ट्रीम है.

तीसरे टॉपर (AIR-3) पार्थ ने जेईई की तैयारी के कोटा से की थी. उन्होंने बताया, 'जेईई-मेन में मेरी सफलता ने मेरी पसंद की स्ट्रीम चुनने का मौका दिया और कंप्यूटर साइंस में इंजिनियर बनने के मेरे लक्ष्य के मुझे करीब ला दिया है.'

ऑल इंडिया रैंक-7 लेन वाले भास्कर गुप्ता मुंबई टॉपर बने हैं. उन्होंने 345 अंक प्राप्त किये हैं. भास्कर के पिता आईआईटियन हैं जबकि  मां एक डॉक्टर हैं. उन्होंने कहा, 'मैथ्स के प्रति मेरा क्रेज है, मुझे यह विषय बहुत आसान लगता है क्योंकि इसमें कोई थ्योरी नहीं होती है सिर्फ समीकरण होते हैं.'

First published: 1 May 2018, 9:32 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी