Home » Education News » Low number of female students admission at IITs should be addressed as priority: President Ram Nath Kovind
 

राष्ट्रपति ने जताई चिंता, कहा- IIT में लड़कियों की संख्या बेहद कम, इसे बढ़ाने की जरूरत

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2018, 12:09 IST

आज हमारे देश की लड़कियां हरेक क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही है. UPSC, NEET जैसे प्रतिष्ठित परीक्षा में भी लड़कियां टॉप कर रही है और ज्यादातर बोर्ड एग्जाम में भी लड़कों को पीछे छोड़ अपनी जोरदार उपस्थिति दर्ज करा चुकी है. लेकिन देश में अभी भी ऐसे कईं महत्वपूर्ण जगह हैं जहां लड़कियाें की उपस्थिति बिल्कुल भी संतोषप्रद नहीं है. इस संजीदा मुद्दे पर चर्चा करते हुए राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि देश के आईआईटी संस्थानों में लड़कियों की कम संख्या चिंता का विषय है.

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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आईआईटी खड़गपुर के 64वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि साल 2017 में आईआईटी संयुक्त प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों की संख्या लगभग 1 लाख 60 हजार थी जिसमें लड़कियां सिर्फ 30 हजार थी. साल 2017 में आईआईटी की बैचलर डिग्री कोर्स में 10,878 स्टूडेंट्स को एडमिशन मिला जिसमें केवल 995 लड़कियों को प्रवेश मिला.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दीक्षांत समारोह के संबोधन में कहा कि लड़कियां, बोर्ड परीक्षा, कालेजों और विश्वविद्यालयों में लड़कों को हमेशा पीछे छोड़ देती हैं लेकिन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में उनकी संख्या दुखद रूप से कम है और इसे बढ़ाने की जरूरत पर ध्यान देना चाहिए.

लड़कियां IIT में ही पीछे क्यों

राष्ट्रपति कोविंद ने आगे कहा, यह विषय मुझे हमेशा परेशान करता है. हमें आईआईटी में लड़कियों की कम संख्या के बारे में कुछ करना चाहिए.  उन्होंने कहा, जब बोर्ड परीक्षाओं की बात आती है तो लड़कियां अच्छा रिजल्ट लाती हैं वे अक्सर लड़कों को पछ़ाड़ कर आगे निकल जाती है. मैं देश में जिन कालेज और यूनिवर्सिटी में जाता हूं, छात्रों के मुकाबले छात्राओं द्वारा ज्यादा मेडल पदक जीतने की ललक देखता हूं. लेकिन आईआईटी संस्थानों  में छात्राओं की संख्या दुखद रूप से कम है.

First published: 21 July 2018, 12:09 IST
 
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