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NEET: मद्रास हाई कोर्ट ने एडमिशन के लिए आधार-कार्ड को किया अनिवार्य

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 June 2018, 16:29 IST
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NEET: मद्रास हाई कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया है कि तमिलनाडु में मेडिकल कोर्सेस में एडमिशन काउंसलिंग के दौरान आधार कार्ड और इसकी फोटोकॉपी अनिवार्य रहेगी. न्यायमूर्ति एन किरुबाकरन एक याचिका पर सुनवाई के दौरान अंतरिम आदेश पारित कर रहे थे, जिसमें आरोप लगाया गया था कि तमिलनाडु के बाहर के छात्रों को उनकी वास्तविक जन्मस्थान की जांच के बिना मेडिकल कोर्स में एडमिशन कराया गया था.

माननीय न्यायाधीश ने मेडिकल एडमिशन के लिए उत्तरदायी अधिकारियों को यह निर्देश दिया कि आधार कार्ड के बिना काउंसलिंग नहीं की जाए. आधार कार्ड अनिवार्य करने का उद्देश्य है कि तमिलनाडु की कोटे के सीट का आवंटन अन्य राज्यों के स्टूडेंट्स को नहीं किया जा सके.

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याचिका-कर्ताओं ने आरोप लगाया था कि अन्य राज्यों के कई छात्रों को तमिलनाडु में MBBS सीटें आवंटित की गई हैं, जो गलत तरीके से प्राप्त बर्थ-सर्टिफिकेट के आधार पर आवंटित हैं, जबकि मेडिकल कोर्सेस में भर्ती के लिए तमिलनाडु के छात्रों को प्राप्त मौके पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

इससे पहले, वकीलों और सरकारी अधिकारियों की एक समिति ने अदालत को सूचित किया कि CBSE केटेगरी के तहत राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET ) के माध्यम से तमिलनाडु में MBBS (2017-18) पाठ्यक्रमों में एडमिशन के लिए 296 स्टूडेंट्स द्वारा सब्मिट किए गए जन्म प्रमाण पत्रों का सत्यापन बिना किसी भी पूछताछ या जांच के बिना जारी किया गया था.

असिस्टेंट सॉलिसीटर जनरल (ASG) जी कार्तिकेयन ने तमिलनाडु के साथ-साथ अन्य राज्यों में एडमिशन के लिए अप्लाई किये उम्मीदवारों के विवरण प्राप्त करने के लिए समय मांगा है. एएसजी और याचिकाकर्ताओं के वकील की सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने कहा, "यह कहा गया है कि अन्य सभी राज्यों में छात्र की आधार संख्या आवेदन में ही उपलब्ध कराई जानी चाहिए."

First published: 23 June 2018, 16:29 IST
 
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