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चौकीदार के लाल ने किया टॉप, मां करती हैं मजदूरी, बेटे ने हेल्पर का काम कर जुटाया पढ़ाई का पैसा

कैच ब्यूरो | Updated on: 16 May 2019, 14:47 IST

परीक्षा में सफलता हासिल करने के लिए अच्छे स्कूल और कॉलेज की जरूरत नहीं होती, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संपल्प की जरूरत होती है. इस बात को मध्य प्रदेश बोर्ड के टॉपर आयुष्मान ने साबित कर दिखाया. मध्य प्रदेश के सागर जिले में रहने वाले आयुष्मान के पिता चौकीदार हैं और मां मजदूरी करके अपने और अपने बच्चों का पालन पोषण करती हैं. आज इन्हीं के बेटे ने बोर्ड टॉप कर उनका सिर गर्व से ऊंचा कर दिया. 

सबसे आश्चर्य की बात ये है कि आयुष्मान के घर की आर्थिक स्थिति इस तरह से खराब है कि वे खुद ही हेल्पर का काम करके अपनी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाते हैं. आज उन्होंने मध्य प्रदेश बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में परीक्षा में टॉप करके साबित कर दिया कि अगर सफल होना है तो किसी बड़े स्कूल-कॉलेज और ट्यूशन की जरूरत नहीं है. अगर जरूरत है, तो खुद के अंदर के आत्म विश्वास और क़ड़ी मेहनत की. आयुष्मान ने मध्य प्रदेश बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 500 में से 499 अंक हासिल कर राज्य मे टॉप किया है.

चौकीदारी करते हैं पिता

मध्य प्रदेश बोर्ड के 10वीं के टॉपर आयुष्मान ताम्रकार के पिता सागर के एक बारातघर में चौकीदारी का काम करते हैं. वहीं इनकी मां मजदूरी करके घर का खर्च उठाती हैं. इसके साथ ही आयुष्मान खुद भी हेल्परी का काम करके अपनी पढ़ाई का पूरा खर्च उठाता है. आयुष्मान ने बताया कि उसका परिवार आर्थिक संकटों से गुजर रहा है. इसलिए घर के सभी सदस्य कुछ ना कुछ मेहनत-मजदूरी करके घर का पालन पोषण करते हैं.

आयुष्मान उत्कृष्ट विद्यालय के छात्र हैं. उन्होंने 10वीं में 500 में से 499 अंक हासिल किए हैं. आयुष्मान के अलावा गगन त्रिपाठी को भी मध्य प्रदेश बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में 499 अंक मिले हैं. मेरिट लिस्ट में दोनों पहला स्थान प्राप्त किया गै. आयुष्मान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और टीचर्स को दिया है.

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First published: 16 May 2019, 14:10 IST
 
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