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Neet 2018: सुप्रीम कोर्ट ने 196 ग्रेस अंक देने के हाईकोर्ट के फैसले पर लगाई रोक

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 July 2018, 16:13 IST

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट के NEET में शामिल तमिल छात्रों को ग्रेस अंक देने के आदेश पर रोक लगा दी है. CBSE ने मद्रास हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में  चुनौती दी थी. गौरतलब है कि मद्रास हाई कोर्ट ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) द्वारा मेडिकल कोर्सेस में दाखिले के लिए आयोजित NEET (National Eligibility cum Entrance Test) 2018 परीक्षा में गलत सवाल पूछने के लिए उम्मीदवारों को 196 अंकों का ग्रेस मार्क्स देने का निर्देश दिया है.

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दरअसल तमिल भाषा में NEET के पेपर में मिस प्रिंट  (Translating Errors) की वजह से गलतियां थी. सीबीएसई स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से एनईईटी आयोजित करता है और मेडिकल मेडिकल में  प्रवेश के लिए काउंसलिंग प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है.

तमिल स्टूडेंट्स ने गलत सवाल को लेकर मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर कर इसकी शिकायत की थी. इस याचिका में ये दलील दी गई कि CBSE की गलतियों की वजह से तमिल स्टूडेंट्स देश के अन्य छात्रों से पिछड़ जाएंगे. मद्रास हाई कोर्ट मामले पर संज्ञान लेते हुए 10 जुलाई को CBSE को निर्देश दिए कि जिन छात्रों ने तमिल भाषा में परीक्षा दी थी उन्हें 196 अंकों का ग्रेस मार्क्स दिया जाए.

NEET 2018 प्रवेश परीक्षा 6 मई को आयोजित की गई थी जिसमें 13 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया था. देश भर के मेडिकल / डेंटल कॉलेजों में MBBS / BDS कोर्सेस में एडमिशन के लिए सीबीएसई द्वारा NEET परीक्षा आयोजित की जाती है. यह परीक्षा देश भर के 2,255 सेंटर्स कर आयोजित की गई थी.

First published: 20 July 2018, 16:13 IST
 
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