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सुकमा में 19 साल की बेटी ने दी 'नक्सल और बारूद' को मात, NEET पास कर किया मिसाल कायम

कैच ब्यूरो | Updated on: 25 August 2018, 15:02 IST

छत्तीसगढ़ का सुकमा कई खौफनाक नक्सल वारदातों के लिए जाना जाता है. सुकमा जिला घोर नक्सल प्रभावित और काफी पिछड़ा इलाका है. यहां की बहुसंख्यक आबादी आज भी समाज के मुख्यधारा से अलग-थलग हैं. कुछ बच्चे किसी तरह अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करते हैं. यहां के बच्चों के लिए कॉलेज जाना एक सपने की तरह है. लेकिन इन विषम परिस्थितियों में भी यहीं की आदिवासी जनजाति की एक लड़की ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट पास कर एक मिसाल कायम की है.

सुकमा के दोर्नापाल में नक्सलियों के खौफ से कई स्कूलों में शिक्षक जाने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाते है. ऐसे ही एक स्कूल से माया कश्यप ने अपनी प्राथमिक शिक्षा पूरी की है. 19 साल की माया इस इलाके में नीट परीक्षा पास करने वाली पहली छात्रा है. हैरत की बात ये है कि माया ने बिना किसी कोचिंग आय ट्यूशन के NEET की परीक्षा पास की है. अपनी सफलता से खुश माया बताती है कि बचपन से ही मेरा सपना था की मैं डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करूं.

9 साल पहले ही माया के पिता की मौत हो गई थी, परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. माया ने कहा कि "मैंने कभी मुश्किलों की तरफ नहीं देखा, मैंने केवल अपने लक्ष्य की तरफ देखा".

माया ने बताया मैं हमेशा से एक डॉक्टर बनना चाहती थी. मेरे पिता के निधन के बाद पढ़ाई जारी रखना काफी मुश्किल हो गया था. लेकिन मैंने हार नहीं मानी, मैं अपने सपने को हारते हुए नहीं देख सकती थी. पैसों की कमी के चलते मेडिकल प्रवेश परीक्षा तैयारी करनी काफी मुश्किल हो गई थी.
 

First published: 25 August 2018, 15:02 IST
 
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