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आखिर पीएम मोदी इन गरीब बच्चों के इतने कायल क्यों हो गए ?

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 July 2018, 18:10 IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "मन की बात" में कुछ ऐसे मेधावी गरीब बच्चों की तारीफ की जिन्होंने अपने कड़े मेहनत के दम पर सफलता पाई है. गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले इन बच्चों ने विपरीत परिस्थितियों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद अपने जज्बे और लगन से ऐसा कारनामा कर दिखाया कि प्रधनमंत्री को उनकी प्रसंशा करनी पड़ी. निश्चित रूप से ये होनहार बच्चे देश भर के छात्रों के लिए प्रेरणा श्रोत बनेंगे.

एक बस चालक के बेटे प्रिंस कुमार ने दिल्ली के सरकारी स्कूलों में 12वीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप कर सबको अचंभित कर दिया, प्रिंस ने कभी महंगी कोचिंग नहीं ली, न ही किसी अच्छे निजी संसथान में पढ़ें, सरकारी स्कूल स्कूल में पढ़ कर कर टॉप कर दिखाया. प्रिंस कुमार ने 97 फीसदी अंक हासिल किए हैं. उन्होंने गणित में 100 में 100 नंबर, इकॉनोमिक्स में 99/100, कैमेस्ट्री में 98/100 अंक प्राप्त किये हैं.

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इसी तरह पीएम ने अहमदाबाद की आफरीन शेख की भी तारीफ की है. आफरीन के पिता ऑटो रिक्शा चलाते हैं. उन्होंने गुजरात बोर्ड की 10वीं की परीक्षा में 98.31प्रतिशत फीसद अंक हासिल कर अपने पिता और परिवार का नाम रोशन किया है.

सबसे विकट परिस्थितियों में हरियाणा के कार्तिक ने कमाल का कारनामा किया है. कार्तिक के पिता ईट-भट्टा में मजदूरी करते हैं और मुश्किल से दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर पते हैं. 10वीं की बोर्ड परीक्षा में कार्तिक ने 500 में से 498 अंक हासिल कर पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया. इस कारमाने ने पीएम को भी मजबूर कर दिया उनकी जिक्र करने पर.

गुड़गांव की दिव्यांग बेटी अनुष्का पांडा, जो जन्म से ही स्पाइनल मस्क्यूलर अट्रॉपी नामक एक आनुवांशिक बीमारी से पीड़ित है. हालांकि उन्होंने अपनी मेहनत से सभी को हैरान कर दिया है. उन्होंने भी परीक्षा में बहुत अच्छा प्रदर्शन कर सबको चौका दिया.

First published: 29 July 2018, 18:10 IST
 
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