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PMRF: क्या पीएम मोदी की फेलोशिप स्कीम हो गई फेल! सिर्फ 13% को मिला स्कॉलरशिप

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 June 2018, 11:44 IST
PMRF scheme

मोदी सरकार द्वारा इस साल हाल ही में लॉन्च किए गए प्रधान मंत्री रिसर्च फैलोशिप (PMRF) स्कीम के तहत घोषित 1,000 रिसर्च स्टूडेंट्स में से केवल 135 स्टूडेंट्स को ही स्कॉलरशिप दी जाएगी मतलब सिर्फ 13% को इसका मिलेगा. ऐसे में मोदी सरकार की इस योजना के अधिक संख्या में मेधावी स्टूडेंट्स को लाभ नहीं मिल पाएगा. मोदी सरकार का इतने कम संख्या में छात्रों का चयन करना इस योजना के सही कार्यान्वन नहीं होने का नतीजा है और मेधावी छात्रों के लिए एक झटका.

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इस साल आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मेधावी स्टूडेंट्स के 'ब्रेन ड्रेन' को रोकने के लिए PMRF योजना की घोषणा की थी. इसका उद्देश्य भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISC) में डॉक्टरेट (PHD) प्रोग्राम में 1000 स्टूडेंट्स को डायरेक्ट एडमिशन देना है ताकि उच्चस्तरीय संस्थानों के मेधावी छात्रों को विदेश जाने से रोका जा सके.

मोदी कैबिनेट ने अगले तीन सालों में इस स्कॉलरशिप स्कीम पर होने वाले खर्च के लिए 1650 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी थी.

PMRF शोध छात्रों के लिए भारत की अब तक सबसे बड़ी स्कॉलरशिप योजना है. मोदी कैबिनेट ने IIT, IISER और NIT जैसे उच्चस्तरीय संस्थानों के मेधावी भारतीय छात्रों को विदेश जाने से रोकने लिए प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप स्कीम को मंजूरी दी थी.

उच्च संस्थानों से पढ़कर रिसर्च करने विदेश जाने वाले मेधावी छात्रों को रोकने के लिए मोदी कैबिनेट ने इस स्कॉलरशिप स्कीम को लॉन्च किया था. इस योजना के अंतर्गत रिसर्च करने वाले स्टूडेंट्स को 70 से 80 हजार रुपये प्रति महीने की स्कॉलशिप दी जाएगी.

First published: 23 June 2018, 11:44 IST
 
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