Home » Education News » Reservation announced by modi govt: over 10 lakh poor students will get admission in IITs and other institutes across india
 

मोदी ने की खुशियों की बरसात, आरक्षण से गरीब सवर्णों को नौकरी के अलावा होगा ये बड़ा फायदा

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 January 2019, 19:01 IST

केंद्र की मोदी सरकार ने आर्थिक आधार पर पिछड़े सवर्णों को आरक्षण देने का ऐलान किया है. जिससे सामान्य वर्ग के गरीब छात्रों / युवाओं को नौकरी के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा जिससे लाखों गरीब सवर्ण छात्रों को इंजिनीरिंग, मेडिकल जैसे अन्य कोर्स में एडमिशन मिल सकेगा. हालांकि इसके लिए अभी संसद में बिल पेश किया जाना बाकी है और इसे क़ानूनी मान्यता मिलने के लिए दो तिहाई बहुमत के साथ पास होना भी जरुरी है.

सामान्य वर्ग को 10 फीसदी आरक्षण देने का सीधा असर शिक्षा के क्षेत्र पर भी पड़ेगा. लाखों गरीब सवर्ण छात्रों को इंजिनीरिंग, मेडिकल जैसे अन्य कोर्स में एडमिशन मिल सकेगा. छात्रों को IIT, IIM, AIIMS सहित देश के सभी सरकारी और प्राइवेट कॉलेज / यूनिवर्सिटी में रिजर्वेशन का लाभ मिलेगा. 10 फीसदी आरक्षण लागू करने के लिए देश के सभी उच्चतर शिक्षण संस्थानों को 10 लाख से ज्यादा अतिरिक्त सीटें सृजित करनी होंगी.

वर्त्तमान समय में सभी उच्च शिक्षा संस्थानों में करीब 1 करोड़ छात्रों के लिए सीटें उपलब्ध हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक आरक्षण लागू करने के लिए 10 लाख अतिरिक्त सीटों का प्रबंध करना होगा. आरक्षण प्रक्रिया को लागू कैसे किया जाए अभी इस योजना पर मंथन चल रहा है.

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत 180 से ज्यादा संस्थान आते हैं उन सभी में कोटा सिस्टम को लागू करना होगा इसके अलावा UGC के अधीन डीम्ड एवं प्राइवेट विश्वविद्यालयों में भी आरक्षण कोटा को लागू करना होगा. केंद्रीय एचआरडी मिनिस्ट्री के अधीन जो 180 से ज्यादा संस्थान आते हैं उनमें IIM समेत 23 आईआईटी, आठ रिसर्च आधारित संस्थान जैसे IISER, IIC बेंगलुरु एवं 41 सेंट्रल यूनिवर्सिटी सहित अन्य शामिल हैं.

First published: 8 January 2019, 18:09 IST
 
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