Home » Education News » students from 5th and 8th class can also be failed, teachers will also get relief
 

'शिक्षा के अधिकार' कानून में बदलाव, बच्चों के साथ-साथ शिक्षकों पर होगा ये बड़ा असर

कैच ब्यूरो | Updated on: 14 January 2019, 12:28 IST

केंद्र सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े दो कानूनों में बड़ा बदलाव किया है. राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अब इन कानूनों को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है. इन कानूनों को संसद में पिछले दिनों पारित किया गया था. पहले कानून में शिक्षा के अधिकार में संशोधन को लेकर है जिसके तहत अब क्लास पांच एवं आठ में बच्चों की परीक्षा में खराब परफॉरमेंस रहने पर उन्हें फेल भी किया जा सकता है. जबकि दूसरा कानून शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों (टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट) को पिछली तिथि से मान्यता देने को लेकर है.

5 और 8 क्लास के बच्चे होंगे फेल

शिक्षा के अधिकार अधिनियम में संशोधन के कर यह प्रावधान किया गया है कि 5वीं और 8वीं क्लास में बच्चों को फेल किया जा सकता है. गौरतलब है कि पहले आठवीं तक किसी भी विद्यार्थी को फेल नहीं करने का कानून बना हुआ था. लेकिन फेल नहीं करने के कानून से बच्चे लापरवाह हो रहे थे और इसका उनके पढ़ाई पर नकारात्मक असर हो रहा है. इसलिए नए कानून के तहत कक्षा पांच एवं आठ में अब परीक्षा ली जाएगी अगर बच्चे इसमें फेल होते हैं, तो दो महीने के अंदर एक और परीक्षा में मौका दिया जाएगा. संशोधित कानून में कहा गया है कि फेल करने के नियमों को लागू करने या नहीं करने का विकल्प राज्य सरकार के पास होगा.

शिक्षकों को भी मिली बड़ी राहत

दूसरा कानून नेशनल काउंसिल टीचर्स एजुकेशन (NCTE) से जुड़ा है. एनसीटीई कानून में संशोधन करके टीचर्स ट्रेनिंग संस्थानों को तय शर्तों के अनुसार पिछली तारीख से मान्यता देने का प्रावधान किया गया है. दरअसल वर्तमान में सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों ने बड़े पैमाने पर ऐसे संस्थानों से सर्टिफिकेट लिया था जो उस समय NCTE से मान्यता प्राप्त नहीं थे लेकिन शिक्षा के अधिकार कानून के प्रावधानों के तहत उनका मान्यता प्राप्त होना जरूरी है. इसलिए हजारों शिक्षकों की नौकरी खतरे में थी अब उनको राहत देते हुए उन्हें पिछली तिथि से मान्यता को मंजूरी दी गई है.

First published: 14 January 2019, 12:13 IST
 
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