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UPSC 2018: किसान बाप के इस लाल ने हिंदी माध्यम में किया टॉप, जानें कैसे की तैयारी

कैच ब्यूरो | Updated on: 20 April 2019, 11:11 IST

UPSC Marksheet 2018: सिविल सर्विस परीक्षा 2018 में जयपुर के रहने वाले कनिष्क कटारिया ने टॉप किया है. जिसके चलते आज वे पूरे देश में अपनी पहचान बना चुके हैं. लेकिन आप ये नहीं जानते होंगे कि हिंदी मीडियम में किसने टॉप किया है. आज हम आपको हिंदी मीडियम में यूपीएससी टॉपर से मिलवाने जा रहे हैं. जो एक किसान के बेटे हैं.

इससे पहले आपको बता दें कि यूपीएसपी ने सिविल सेवा परीक्षा 2018 के छात्रों की मार्कशीट यानि अंक सूची भी जारी कर दी है. जिसमें हर छात्र के लिखित परीक्षा में मिले नंबर और इंटरव्यू मार्क्स दिए गए हैं. इस साल के टॉपर कनिष्क कटारिया ने 2025 मार्क्स में से कुल 1121 मार्क्स प्राप्त किये हैं. बता दें कि यूपीएससी परीक्षा 2025 नंबर की होती है. जिसमें 1750 अंक लिखित परीक्षा और 275 अंक इंटरव्यू के होते हैं. कनिष्क कटारिया ने लिखित परीक्षा में 942 और इंटरव्यू में 179 अंक हासिल किए हैं.

वहीं हिंदी मीडियम में रवि कुमार सिहाग ने टॉप किया है. बता दें कि रवि नि साल 2015में ग्रेजुएशन की परीक्षा पास की थी. उसके बाद वह एक साल घर पर ही रहे. साल 2016 में उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरु की और लगातार 2018 तक वह इसकी तैयारी में जुटे रहे. बता दें कि अपनी स्नातक की परीक्षा पास करने के बाद रवि ने एक साल तक परिवार की कई जिम्मेदारियां भी निभाई.

जिसमें उनकी बहन की शादी भी शामिल है. बहन की शादी के बाद रवि पूरी तरह से यूपीएससी की तैयारी में जुट गए. साल 2018 में उन्होंने पहली बार सिविल सर्विस परीक्षा दी और पहली बार में ही ये मुकाम हासिल कर लियाइंटरव्यू के दौरान रवि से पूछा गया कि अगर आपका चयन सिविल सेवा के लिए नहीं होता है तो आप क्या करेंगे? इस पर रवि का जवाब था कि वह कृषि के क्षेत्र में कुछ करना चाहते हैं. बता दें कि रवि के पिता भी एक किसान हैं.

रवि से इंटरव्यू में सरदार पटेल पर भी सवाल पूछे गए. उनके से पूछा गया था कि सरदार को बिस्मार्क ऑफ इंडिया क्यों कहते हैं. उनकी मूर्ति गुजरात में कहां है और क्या उस मूर्ति के पास कोई बांध हैइसके अलावा उनसे 16वीं लोकसभा की प्रमुख उपलब्धियां और प्रमुख निराशाजनक बातों जैसे सवाल पूछे गए. बता दें कि रवि को क्षेत्रीय भाषा में बात करना और नई भाषाओं को सीखना बहुत पसंद है. इसीलिए उनसे इसी को लेकर सवाल पूछे गए. उनसे पूछा गया कि अगर उन्हें किसी ऐसी लड़की से प्यार हो जाए जिसकी भाषा और वेशभूषा रवि से अलग हो तो वह प्यार और जिम्मेदारी में से क्या चुनेंगे? तब रवि ने जवाब दिया कि वह सबसे पहले बातचीत का विकल्प चुनेंगे.

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First published: 20 April 2019, 11:11 IST
 
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