Home » मनोरंजन » Catch Hindi: 10 milestone holi songs in hindi cinema
 

वीडियो: हिंदी सिनेमा में होली के 10 यादगार रंग

कैच ब्यूरो | Updated on: 23 March 2016, 23:25 IST

होली ऐसा त्योहार है, जो भारतीय सिनेमा के कई महत्वपूर्ण दृश्यों, कथानक और चरित्र के निर्माण में मददगार रहा है. सिनेमा पर्दे पर जनमानस की छाप है और देश का मुख्य त्योहार होने की वजह से हिंदी सिनेमा में इसे समय समय पर महत्वपूर्ण स्थान मिला है.

हिंदी फिल्मों में होली गीतों का तड़का सिनेमा के बेहद शुरुआती दौर से लगता रहा है. यह रिश्ता भारत की आजादी से पहले का है. साल 1940 में निर्देशक महबूब खान ने फिल्म औरत में होली को बैकग्राउंड बनाकर एक गाना फिल्माया था. ये वही महबूब खान हैं जिन्होंने साल 1957 में फिल्म मदर इंडिया बनाई और इस फिल्म में भी होली का एक लोकप्रिय गीत फिल्माया 'होली आई रे कन्हाई रंग छलके'. इस गाने को शमशाद बेगम ने गाया था और संगीतकार नौशाद ने अपने तराने से इसे संवारा था.

फिल्म मदर इंडिया से पहले निर्देशक वी शांताराम ने साल 1959 में फिल्म नवरंग में होली पर एक गीत 'अरे जा रे हट नटखट, न छू रे मेरा घूंघट, पलट के तुझे आज दूंगी गाली रे' काफी लोकप्रिय हुआ. संगीतकार निर्देशक सी रामचंद्रन की करिश्माई कला ने इस गाने को हमेशा के लिए अमर कर दिया.

इसी कड़ी में साल 1966 में आई फिल्म फूल और पत्थर का गीत 'लाई है हजारों रंग होली' आज भी घरों और बाजारों में होली आने के साथ सुनाई देने लगता है. सुपर डुपर हिट फिल्म शोले में भी होली के त्योहार का शानदार फिल्मांकन हुआ.

वैसे सत्तर के दशक में निर्देशक शक्ति सावंत की फिल्म कटी पतंग भी अपने होली के गाने के लिए अमर है. राजेश खन्ना और आशा पारिख अभिनीत इस गाने को किशोर और लता ने गाया था. गीत के बोल हैं 'आज न छोड़ेंगे बस हमजोली, खेलेंगे हम होली'.

फिल्मी जगत में 80 के दशक को होली के लिए महावर्ष कहा जा सकता है. इस दशक में हिंदी सिनेमा ने होली का जमकर इस्तेमाल किया. साल 1981 मेें फिल्म सिलसिला का गीत 'रंग बरसे भींगे चुनर वाली रंग बरसे' लगभग अमरता हासिल कर चुका है. रेखा और अमिताभ के अभिनय से यह गाना जीवंत हो गया है. इस गीत को खुद अमिताभ बच्चन ने गाया था और उनके पिता हरिवंश राय बच्चन ने इस गीत को लिखा था.

साल 1982 में आई राजश्री प्रोडक्शन की भोजपुरी फिल्म नदिया के पार में 'जोगी जी धीरे-धीरे, जोगी जी वाह जोगी जी' आज भी ग्रामीण पृष्ठभूमी में होली का वास्तविक तस्वीर प्रस्तुत करता है. 

होली का त्योहार सिनेमा में तब से अहमियत रखता है जब उसके पास रंगों की ताकत नहीं थी यानी तब हमारी फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करती थीं

90 के दशक में होली के ज्यादा यादगार गाने देखने को नहीं मिलते. साल 1993 में आई फिल्म डर का गीत 'अंग से अंग लगाना, सजन मोहे ऐसे रंग लगाना' ही ऐसा है जिसे लोग याद करते हैं. सिनेमा में होली का जादू बाद के दशकों में भी वैसे ही छाया रहा. साल 2003 में राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म बागबान में 'होली खेलें रधुबीरा, अवध में होली खेलें रधुबीरा' में अमिताभ और हेमा के अभिनय ने होली के इस गीत को अमर कर दिया है.

इसके बाद साल 2013 में आई फिल्म ये जवानी है दिवानी में 'बलम पिचकारी जो तुने मुझे मारी, तो सीधी साधी छोरी शराबी हो गई' आज कल के नौजवानों की पहली पसंद बना हुआ है.

सिनेमाई होली में तन भींगे, मन भींगे, इस जीवन का हर पल भींगे. होली का त्योहार हिंदी सिनेमा में तब से अपनी अहमियत रखता था, जब खुद हिंदी सिनेमा के पास रंगों की ताकत नहीं थी यानी जब हमारी फिल्में ब्लैक एंड व्हाइट हुआ करती थीं.

आईये गुनगुनाते हैं हिंदी सिनेमा के 10 अमर गीत

1. फिल्म: मदर इंडिया (साल 1957) - होली आई रे कन्हाई रंग छलके

2. फिल्म: नवरंग (साल 1959) - अरे जा रे हट नटखट, न छू रे मेरा घूंघट

3. फिल्म: फूल और पत्थर (साल 1966) - लाई है हजारों रंग होली

4. फिल्म: कटी पतंग (साल 1970) - आज न छोड़ेंगे बस हमजोली, खेलेंगे हम होली

5. फिल्म: शोले (साल 1975) - होली के दिन दिल मिल जाते हैं

6. फिल्म: सिलसिला (साल 1981)- रंग बरसे भींगे चुनर वाली

7. फिल्म: नदिया के पार (साल 1982)- जोगी जी धीरे धीरे

8. फिल्म: डर (साल 1993)- अंग से अंग लगाना बलम मोहे ऐसे रंग लगाना

9. फिल्म: बागबान (साल 2003)- होरी खेलै रघुबीरा अवध में

10. फिल्म: ये जवानी है दिवानी (साल 2013)- बलम पिचकारी जो तूने मुझे मारी

First published: 23 March 2016, 23:25 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी