Home » मनोरंजन » Amitabh Bachchan launches Shatrughan Sinha biography
 

बिग बी और शॉटगन के बीच कम हुई दूरियां, ‘एनीथिंग बट खामोश’ का लोकार्पण किया

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:51 IST

फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मुंबई में शत्रुघ्न सिन्हा की बायोग्राफी ‘एनीथिंग बट खामोश’ की धूमधाम से लॉन्चिंग की.

इस मौके पर भाजपा सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि, 'मेरे दिल में अमित के लिए बेहद इज्जत है, वो मिलेनियम स्टार हैं. अगर हम दोस्त हैं, तो हमें लड़ने का भी हक है.'

इस बायोग्राफी में उनके और अमिताभ बच्चन के बीच कुछ मनमुटाव की बातें भी लिखी गई हैं. जिस पर अपनी प्रतिक्रिया में शॉटगन ने कहा कि 'ये बातें सब कल की हैं. अगर नहीं लिखता तो यह ऑनेस्ट बायोग्राफी नहीं होती. अगर आज आप मुझसे पूछें तो मैं कहूंगा कि मेरे दिल में अमित के लिए बेहद आदर है और मैं उन्हें पर्सनैलिटी ऑफ द मिलेनियम मानता हूं.' 

बायोग्राफी लॉन्चिंग के इस मौके पर सिन्हा की बेटी और अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा, पत्नी पूनम सिन्हा और राइटर भारती प्रधान भी मौजूद रहीं.

शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने राजनीतिक विरोधियों के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा कि 'जो मझे पसंद नहीं करते, वो लोग मेरे बारे में बहुत कुछ कहते हैं. लेकिन इसमें कुछ भी छिपा नहीं है. इस देश में लोकतंत्र है और यहां सभी को बोलने का अधिकार है.'

अपनी किताब में शॉटगन लिखते हैं कि तब लोग कहते थे कि अमिताभ और मेरी ऑन स्क्रीन जोड़ी सुपरहिट है, पर वो मेरे साथ काम नहीं करना चाहते थे. उनको लगता था कि नसीब, काला पत्थर, शान और दोस्ताना में शत्रुघ्न सिन्हा मुझ पर भारी पड़ गए, लेकिन इससे मुझे कभी कोई फर्क नहीं पड़ा.

काला पत्थर के सेट पर कभी मुझे अमिताभ के बगल वाली कुर्सी ऑफर नहीं की गई. शूटिंग के बाद लोकेशन से होटल जाते हुए कभी अमिताभ ने मुझे अपनी कार में आने के लिए ऑफर नहीं दिया. मुझे ये देखकर आश्चर्य होता था कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है, लेकिन इस बात को लेकर मैंने कभी किसी से कोई शिकायत नहीं की.

वहीं दूसरी तरफ सदी के महानायक ने भी पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा सेट पर अपनी लेटलतीफी के लिए काफी मशहूर थे.

इस बारे में अमिताभ बच्चन बोले कि 'कुछ आदतें पैदाइशी होती हैं, उन्हें बदलना नहीं चाहिए'.

बिग बी ने आगे बताया कि 'उन दिनों हम दोनों दो फिल्मों शान (1980) और नसीब (1981) में एक साथ काम कर रहे थे. सुबह 7 से दोपहर 2 बजे तक शान की शूटिंग फिल्मसिटी में होती थी. इसके बाद मैं गाड़ी से चांदीवली स्टूडियो चला जाता था. शत्रुघ्न भी अपनी गाड़ी में बैठ चांदीवली ही निकलते थे. मैं ढाई बजे पहुंचता था और ये शाम के 6-7 बजे तक पहुंचते थे.'

अमिताभ ने कहा, 'हमें पहुंचना तो एक ही जगह था, लेकिन ये न जाने कहां चले जाते थे? आज मैं इनसे वो राज जानना चाहूंगा.'

इस पर शॉटगन मुस्कुराते हुए बोले कि 'अब तो बड़ी देर कर दी मेहरबां आते-आते. अब बताकर फायदा भी क्या?

First published: 21 February 2016, 9:13 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी