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इस व्यक्ति के निधन से सदमें में चले गए अमिताभ बच्चन, जलती चिता के सामने कई घंटे बैठे रहे

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 May 2019, 14:12 IST

बॉलीवुड के गलियारों में इन दिनों एक व्यक्ति की मौत ने बड़े-बड़े दिग्गजों को सदमे में डाल दिया है. महानायक अमिताभ बच्चन भी सदमें में चले गए हैं. आलम यह था कि वह कई घंटे उस व्यक्ति की चिता के सामने बैठे रहे. वह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि अजय देवगन के पिता वीरू देवगन हैं. वीरू देवगन का 27 मई को बीमारी के बाद निधन हो गया है.

महानायक अमिताभ बच्चन वीरू देवगन से काफी अटैच थे. उनके निधन के बाद अमिताभ बच्चन को बड़ा झटका लगा है. इस बात को बिग बी ने सोशल मीडिया पर एक बेहद इमोशनल नोट लिखकर जाहिर किया है. बिग बी ने लिखा, "जलती चिता के सामने बैठना. राख को साथ ले जाने के लिए इंतजार करना. अपने करीबी को जाते देखना. बाबू जी, मां जी फिर एक नए दिन की शुरुआत और नया काम...."

अमिताभ ने लिखा,  "पहली बार मैं वीरू देवगन से राजस्थान के एक छोटे से गांव पोशीना में मिला था. तब मेरी फिल्म रेशमा और शेरा की शूटिंग हो रही थी. खन्ना साहेब (वीरू देवगन) डमी के साथ एक्शन सीन की रिहर्सल कर रहे थे. सुनील दत्त साहब लीड होरो थे. तब मुझे अच्छी तरह से याद है कि रेत में शूटिंग करते वक्त खन्ना साहब दर्द में थे लेकिन फिर भी वह पूरे परफेक्शन के साथ सीन दे रहे थे."

बिग बी ने आगे लिखा, "फिर एक दिन हमने उन्हें खो दिया. वो शानदार एक्शन डायरेक्टर थे. जिन्होंने एक्शन में नए इनोवेशन किए और उसे परफेक्शन के साथ पूरा किया. उन्होंने स्टंटमैन के लिए नौकरी के रास्ते खोले. आज कितने स्टंटमैन हैं जो डायरेक्टर, प्रोड्यूसर बन गए. खुद वीरू जी प्रोड्यूसर-डायरेक्टर बने."

बिग बी ने आगे लिखा, "वीरू जी ने इंस्टड्री को ग्रूम किया है. उनका फाइन टैलेंट अजय देवगन हैं. उन्होंने मेरी कई फिल्मों के एक्शन सीन किए हैं. वीरू पंजाब से थे और सेट पर वो मेरा वेलकम भी उसी अंदाज में करते थे. उनकी मौत सदमे की तरह है. इस खबर के मिली तो मैं 'चेहरे' की शूटिंग कर रहा था. काम रोककर मैंने पूरी टीम के साथ 2 मिनट का मौन रखा. अंतिम संस्कार में गया. वहां जाकर उनसे जुड़ी सारी बातें दिमाग में घूमने लगीं कि वक्त कैसे बीच जाता है जो कभी वापस नहीं आता. बस रह जाती हैं तो यादें.."

बता दें कि वीरू देवगन का कार्डिक अरेस्ट की वजह से निधन हुआ. उन्होंने 1994 के दिलवाले, हिम्मतवाला 1983, 1988 शहंशाह जैसी फिल्मों का एक्शन कोरियोग्राफ किया था. बतौर एक्टर भी उन्होंने फिल्मों में काम किया था. वीरू देवगन ने क्रांति(1981), सौरभ(1979) और सिंहासन(1986) फिल्मों में एक्टर के तौर पर काम किया था. अजय देवगन की पहली फिल्म फूल और कांटे का भी एक्शन डायरेक्शन उनके पिता वीरू देवगन ने ही किया था. 

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First published: 30 May 2019, 14:12 IST
 
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