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अंजन दत्ता: सेंसर बोर्ड को चुंबन और थप्पड़ के बीच फर्क नहीं समझ आता

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 July 2016, 14:03 IST

बांग्ला फिल्ममेकर और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अंजन दत्ता ने सेंसर बोर्ड की आलोचना करते हुए कहा कि इसके पदों पर गलत लोगों ने कब्जा कर रखा है. उन्होंने बंगाली फिल्म ‘साहेब बीवी गुलाम’ सहित कई अन्य फिल्मों में कई दृश्यों को हटाने के सेंसर बोर्ड के सुझाव को वाहियात बताया है.

अंजन दत्ता ने कहा, "सेंसर बोर्ड में सारे पदों पर गलत लोगों का कब्जा है. सेंसर बोर्ड के सदस्य तो फिल्म में चुंबन और थप्पड़ के दृश्यों के बीच का अंतर भी नहीं समझ पाते हैं. बड़े दुख की बात है कि आज सेंसर बोर्ड में सिनेमा के सबसे अशिक्षित लोग भरे पड़े हैं."

उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह कोई आज का मसला नहीं है, बीते जमाने से सेंसर बोर्ड बिना किसी कारण फिल्म निर्देशकों को परेशान करता रहा है.

अंजन दत्ता ने यह बात बांग्ला फिल्म ‘साहेब बीवी गुलाम’ के ट्रेलर लॉन्चिंग पर कही. बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘साहेब बीवी गुलाम’ के निर्देशक प्रतीम गुप्ता को फिल्म के कुछ दृश्यों और किरदारों को संपादित करने के लिए कहा था.

गौरतलब है कि इससे पहले सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष पहलाज निहलानी ने निर्माता अनुराग कश्यप की फिल्म 'उड़ता पंजाब' के कई दृश्यों पर आपत्ति जताते हुए कई कट के साथ रिलीज करने का आदेश दिया था.

हालांकि बाद में इस मामले में विवाद इतना बढ़ गया कि निर्माता फैंटम फिल्म्स ने सेंसर बोर्ड के फैसले को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दे दी.

मामले में सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पहलाज निहलानी को झटका देते हुए सिर्फ एक कट के साथ फिल्म के रिलीज को हरी झंडी दी थी. फिल्म 'उड़ता पंजाब' को लेकर सेंसर बोर्ड और उसके अध्यक्ष अध्यक्ष पहलाज निहलानी की काफी आलोचना हुई थी.

First published: 21 July 2016, 14:03 IST
 
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