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अनुराग कश्यप: सेंसर बोर्ड ने सात साल तक मेरा करियर खराब किया

कैच ब्यूरो | Updated on: 7 February 2017, 8:23 IST
(कैच)

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) पर आरोप लगाते हुए कहा कि सेंसरशिप के दिशा-निर्देशों के कारण सात सालों तक मेरा करियर रुका रहा.

फिल्म निर्माता-निर्देशक अनुराग कश्यप ने एबीसी मेलबर्न रेडियो चैनल से कहा, "सेंसरशिप के कारण मेरा करियर सात साल तक रुका रहा."

कश्यप ने कहा कि उनकी फिल्म ‘पांच’ को शुरू में मादक पदार्थ के मुद्दे और पुलिस अधिकारी के खिलाफ हिंसा के कारण रोक दिया गया था और बाद में बोर्ड ने इसे पास किया, जिसके कारण हमारा निर्माता दिवालिया हो गया.

कश्यप ने कहा, "उस फिल्म में बोर्ड की ओर से मुझे दृश्यों को हटाने के लिए कहा गया था."

बीते समय में अनुराग की फिल्म ‘उड़ता पंजाब’ को लेकर भी सेंसर बोर्ड ने कड़ा एतराज जताया था, जिसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया था. हाईकोर्ट के दखल के बाद इस फिल्म का प्रसारण संभव हुआ था.

गौरतलब है कि इससे पहले साल 2009 में अनुराग कश्यप की फिल्म 'गुलाल' को रिलीज की मंजूरी देने से सेंसर बोर्ड ने मना कर दिया था, लेकिन बाद में मूवी में चार कट लगाए जाने और ए सर्टिफिकेट देने के बाद इसे रिलीज किया गया था.

अनुराग की फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' को सेंसर बोर्ड ने भारत में रिलीज की अनुमति नहीं दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने तीन साल बाद इसे रिलीज करने की मंजूरी दी थी.

First published: 13 August 2016, 2:57 IST
 
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