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प्रियंका से पहले ही अमेरिकी टीवी पर एक इंडो-पाक अदाकारा मौजूदगी दर्ज करा चुकी है

लमत आर हसन | Updated on: 10 February 2017, 1:47 IST
QUICK PILL
  • प्रियंका चोपड़ा को अमेरिकी सीरियल क्वांटिको के लिए जितनी चर्चा मिली उतनी खुशनसीब वदसारिया नहीं रहीं. काफी हद तक भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया ने उन्हें नजरअंदाज कर दिया.
  • क्वांटिको के प्रसारण के काफी पहले से ही प्रियंका चोपड़ा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीडिया की चहेती रही हैं.

बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा के अमेरिकी सीरियल क्वांटिको प्रसारित होने से पहले पाकिस्तानी-भारतीय मूल की एक और अभिनेत्री भी यहां अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी है. 

एक स्थापित अमेरिकी अभिनेत्री दिलशाद वदसारिया को एबीसी चैनल (जिसपर क्वांटिको का प्रसारण होता है) पर ग्रीक सीरियल की रेबेका लोगान के रूप में पहचाना जाता है.

आगामी 13 जनवरी को "सेकंड चांस" नामक धारावाहिक से वदसारिया टेलीविजन पर वापसी करेंगी. इसमें वे कैंसर से लड़ने वाली एक अरबपति वैज्ञानिक मैरी गुडविन की भूमिका में नजर आएंगी. इस सीरियल में वे एक ऐसे पुलिस अधिकारी को जिंदा कर उसे कम उम्र का बना देती हैं, जिसकी हत्या की जा चुकी है. 

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एक्स फाइल्स के कार्यकारी निर्माताओं द्वारा बनाए गए इस शो की पहली झलक को 25 दिसंबर को ऑनलाइन किया गया. यह फॉक्स टीवी पर प्रसारित किया जाएगा.

लेकिन दुर्भाग्य से चोपड़ा के विपरीत, वदसारिया को काफी हद तक भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया द्वारा नजरअंदाज कर दिया गया. जबकि उनकी अदाकारी की सबने तारीफ की थी.

मीडिया की चहेती प्रियंका

क्वांटिको के प्रसारण के काफी पहले से ही प्रियंका चोपड़ा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मीडिया की चहेती रही हैं. 

चोपड़ा ने बेहत तेजतर्रार एफबीआई के विशेष एजेंट एलेक्स पैरिश का किरदार भी निभाया, जिसे 11 सितंबर 2001 के बाद से अमेरिका में सबसे बड़े आतंकी हमले के लिए या तो जिम्मेदार बताया गया या फिर इसमें फंसाया गया.

27 सितंबर को एबीसी पर क्वांटिको के प्रीमियर को अमेरिका में 71 लाख लोगों ने देखा और इसको इस सीजन का सबसे ज्यादा देखा जाने वाला नया शो बनाया. इस सिरीज को अब तक प्रति एपीसोड औसतन 50 लाख से ज्यादा दर्शक मिल रहे हैं और हाल ही में चोपड़ा के उत्तेजक दृश्यों ने ज्यादा दर्शकों को इस शो की ओर आकर्षित किया. 

वहीं, वदसारिया की दूसरी पारी भी बुरी नजर नहीं आ रही है. उनके शो के आधिकारिक ट्रेलर की लॉन्चिंग को एक सप्ताह में ही 15 लाख दर्शकों ने देखा है. 

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साइंस फिक्शन पर आधारित यह शो मेरी शेली के क्लासिक उपन्यास फ्रैंकस्टाइन से प्रेरित है. इस कहानी में एक 75 वर्षीय पूर्व पुलिस अधिकारी जिमी प्रिचार्ड जिसने अपने कार्यकाल के दौरान कई सबूतों से छेड़छाड़ की थी, वो अपने बेटे के घर में पड़ी एक डकैती के दौरान मार दिया जाता है. 

इस शो में लुकिंगग्लास के संस्थापक और प्रतिभावान जुड़वा ऑटो और मैरी गुडविन, कैंसर पीड़ित मैरी का इलाज करने के लिए सेल रिजनरेशन के क्षेत्र में शोध कर रहे हैं. इस दौरान जानवर के बाद मानव पर प्रयोगों के लिए प्रिचार्ड एकदम सही साबित होता है. 

फिर भी वदसारिया को मीडिया ने कोई तवज्जो नहीं दी.

वदसारिया के ताजा ट्वीट में वे कहती हैं, "क्रिया, प्रतिक्रिया. और कोई नहीं सोचता है #hate #racism #prejudices..."

पाकिस्तान में वदसारिया

वदसारिया (30) कराची में पैदा हुईं थीं. वे पाकिस्तानी, भारतीय और पुर्तगाली मूल की हैं, जिनकी रगों में पारसी खून बहता है.

केवल छह वर्ष की उम्र में उन्होंने पाकिस्तान छोड़ दिया था.

वदसारिया कहती हैं "पाकिस्तान की बहुत सी यादें हैं. अजीब है कि जब मैं छोटी थी, तब की तमाम बातों में से एक बात मुझे वह याद है कि उस वक्त कैसे सबकुछ बेहद सामाजिक था और कैसे हर चीज, हर रोज परिवार के इर्दगिर्द ही घूमती थी. लेकिन आज हर व्यक्ति अपनी जड़ों से जुदा होकर दुनिया भर में फैल चुका है...ओह. अपनी बहन के साथ गिद्धों को भोजन खिलाना बहुत याद आता है. कौन याद नही करता?"

वदसारिया के माता-पिता अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लिए पाकिस्तान से बाहर चले गए थे.

वदसारिया कहती हैं, "इसके (शिक्षा) लिए मेरे माता-पिता को उन्हें जो भी कुछ पता था उसे छोड़कर हकीकत में एक बिल्कुल अलग सभ्यता, एक अलग दुनिया की तरफ जाने का कठिन फैसला लेना पड़ा."

हॉलीवुड से बॉलीवुड

हॉलीवुड फिल्मों में हाथ आजमाने के बाद वदसारिया बॉलीवुड में काम करने के खिलाफ नहीं हैं.

वो कराची में बॉलीवुड फिल्में देखने की तमाम खूबसूरत यादें आज भी सहेजें हुए हैं.

वो कहती हैं, "वह सब मजेदार अनुभव था. एक साथ बैठकर हम फिल्में देखते थे. फिल्मों के गानें, नृत्य और किरदारों का सामान्य जीवन से अलग दिखना अब तक याद है."

वदसारिया को जॉन अब्राहम काफी "आकर्षक" तो आशुतोष गोवारिकर और जोया अख्तर "प्रतिभावान निर्देशक" लगते हैं.

उन्हें उम्मीद है कि 2016 में बॉलीवुड उनके काम को देखने के बाद कोई निर्णय ले सकता है.

First published: 2 January 2016, 7:16 IST
 
लमत आर हसन @LamatAyub

संवाददाता, कैच न्यूज़

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