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विवाद और पहलाज एक-दूसरे से दूर नहीं रहते

कैच ब्यूरो | Updated on: 8 June 2016, 17:37 IST

जनवरी, 2015 में सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सेंसर बोर्ड) के अध्यक्ष बनने वाले पहलाज निहलानी कमोबेस लगातार विवादों में रहे हैं. ताजा विवाद अनुराग कश्यप की फिल्म 'उड़ता पंजाब' से जुड़ा है. इस फिल्म पर सेंसर बोर्ड की कैंची चलने की बात कही जा रही है. खबरों के मुताबिक सेंसर बोर्ड ने 89 से ज्यादा कट्स लगाने के लिए कहा है.

इसके अलावा सेंसर बोर्ड ने फिल्म से पंजाब और इसकी तमाम जगहों के नाम हटाने को कहा है. यह फिल्म 17 जून को रिलीज होने वाली है. फिल्म में पंजाब के युवाओं में ड्रग्स की लत के मुद्दे को उठाया गया है.

निहलानी लोकसभा चुनाव 2014 के दौरान बनारस में प्रधानमंत्री के लिए प्रचार कर चुके हैं. उन्होंने चुनाव के दौरान 'हर-घर मोदी, घर-घर मोदी' गाना बनाया था. पिछले साल जब लीला सैमसन की जगह निहलानी की नियुक्ति हुई थी तब कई लोगों ने उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाया था. अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने पीएम मोदी का शुक्रिया भी अदा किय़ा था.

निहलानी के काम से सेंसर बोर्ड में उनके साथी अशोक पंडित और चंद्रप्रकाश द्विवेदी लगातार अपनी नाराजगी दर्ज कराते रहते हैं. हालांकि, निहलानी को विवादों से फर्क नहीं पड़ता. पिछले साल एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था, 'विवाद पैदा किए जा रहे हैं. मैं तो सिर्फ गाइडलाइंस की बात कर रहा हूं.'

निहलानी और विवाद:

निहलानी ने अध्यक्ष बनने के बाद सेंसर बोर्ड ने एक सूची जारी की थी जिसमें 36 शब्दों पर बैन लगाया गया. उस समय सेंसर बोर्ड के एक अन्य सदस्य अशोक पंडित के मुताबिक 36 शब्दों पर रोक लगाने वाली सूची जारी करने से पहले बोर्ड सदस्यों को जानकारी नहीं दी गई. बाद में विवाद बढ़ा तो शब्दों की संख्या घटाकर 28 कर दी गई.

जेम्स बॉन्ड का किस काटा

पिछले साल रिलीज हुई जेम्स बॉन्ड सीरीज की फिल्म 'स्पेक्टर'  में बॉन्ड के 'किसिंग' सीन की लंबाई को कम कर दिया गया. भारतीय सेंसर बोर्ड ने फिल्म को 4 कट के साथ 'यूए' सर्टिफिकेट दिया. फिल्म के दो सीन छोटे किए गए हैं, जबकि दो डॉयलॉग पूरी तरह से हटा दिए गए. बाद में पहलाज निहलानी ने माना था कि उन्होंने बिना फिल्म देखे यह निर्णय लिया.

बच्चों की फिल्म को 'यूए' सर्टिफिकेट

सेंसर बोर्ड ने फिल्म ‘द जंगल बुक’ को यू/ए सर्टिफिकेट दिया. इस पर निहलानी ने उस समय कहा था कि इस 3डी फिल्म में ऐसे कई दृश्य हैं, जो बच्चों के हिसाब से डरावने हैं. इसलिए उनका अकेले ये फिल्म देखना सही नहीं होगा. इसके अलावा पिछले महीने रिलीज हुई 'द एंग्री बर्ड्स' को 'यूए' सर्टिफिकेट देने पर उनकी आलोचना हुई थी. 'यूए' सर्टिफिकेट वाली फिल्म में 12 साल से कम उम्र वालों के लिए चेतावनी होती है.

'मोदी काका' वाले वीडियो का उड़ा मजाक

पिछले साल नवंबर में सलमान खान की फिल्म 'प्रेम रतन धन पायो' रिलीज हुई थी. फिल्म के इंटरवल में मोदी सरकार का गुणगान करता एक वीडियो दिखाया गया. इस वीडियो को पहलाज निहलानी ने बनाया था जिसके बोल थे, 'मेरा देश है महान, मेरा देश है जवान'.

करीब 6 मिनट के इस वीडियो में निहलानी दुबई, मॉस्को, मेक्सिको, कैलिफोर्निया, फ्रांस की सैर करा रहे थे. वहीं इसकी शुरुआत में स्कूली छात्र 'मोदी काका' को आवाज देते दिख रहे थे. इस वीडियो पर मचे हंगामे के बाद पहलाज ने दावा किया था कि ये विदेशी झलकियां दरअसल भारत का आने वाला भविष्य है.

गाने से बॉम्बे शब्द हटाने का निर्देश

पिछले साल फरवरी महीने में सेंसर बोर्ड ने गायक मिहिर जोशी के एलबम 'मुंबई ब्लूज' के एक गाने 'सॉरी' में ‘बॉम्बे’ शब्द को बीप करने के लिए कहा था. इस फैसले पर मिहिर ने कहा था कि सेंसर बोर्ड ने उन्हें कारण ही नहीं बताया और  बॉम्बे शब्द हटाने को कह दिया.

इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर जमकर सेंसर बोर्ड के फैसले की आलोचना हुई. सोशल मीडिया पर इस गाने के समर्थन में यूजर्स ने #BOMBAY के साथ लिखना शुरू कर दिया. ट्विवटर पर शार्ली एब्दो की तर्ज पर Je suis Bombay लिख कर भी फैसले का विरोध किया गया.

पहलाज निहलानी और सेंसर बोर्ड से जुड़े बढ़ते विवादों के बाद इस साल की शुरुआत में केंद्र सरकार ने श्याम बेनेगल की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था. अप्रैल महीने में आई रिपोर्ट के अनुसार समिति ने फिल्मों में कांट-छांट न किए जाने की सिफारिश की है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अरुण जेटली को सौंपी इस रिपोर्ट में श्याम बेनेगल कमेटी ने साफ कहा कि सेंसर बोर्ड को अपने नाम के अनुसार ही सिर्फ फिल्मों को उसके कंटेंट के मुताबिक सर्टिफिकेट देने का काम करना चाहिए, न कि उसमें कांट-छांट करनी चाहिए. उसे फिल्म को मूल रूप में दर्शकों तक पहुंचने देना चाहिए.

First published: 8 June 2016, 17:37 IST
 
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