Home » मनोरंजन » Devika rani BIrthday special : bollywood first actress do firs6t kissing scene in 1930
 

1930 में सबसे लंबे Kissing सीन की वजह से बैन हुई थी इस एक्ट्रेस की फिल्म

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 March 2018, 10:12 IST

बॉलीवुड की दुनिया में रोमांस एंटिमेट सीन और किसिंग सीन कोई बड़ी बात या नई बात नहीं है. ये सब तबसे चल रहा है जब से फिल्मों की शुरुआत हुई थी लेकिन आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसे किसिंग सीन के बारे में जिसकी वजह से वो फिल्म ही बैन कर दी गयी थी. इस किसिंग सीन को करने के पीछे किसी एक्टर नहीं बल्कि एक एक्ट्रेस थी. 

बता दें कि साल 1930 में मशहूर एक्ट्रेस देविका रानी को भारतीय सिनेमा की पहली एक्ट्रेस कहा जाता था. 4 मिनट का लम्बा किसिंग सीन करने वाली इस इस एक्ट्रेस का देविका रानी का आज जन्मदिन भी है. देविका रानी चौधरी का जन्म आंध्रप्रदेश के वाल्टेयर नगर में हुआ था. उनके पिता कर्नल एमएन चौधरी समृद्ध बंगाली परिवार से थे. जिन्हें बाद में भारत के प्रथम सर्जन जनरल बनने का गौरव प्राप्त हुआ.

ये भी पढें- भाबी जी' के साथ सुनील ग्रोवर ने शुरू की कॉमेडी शो की शूटिंग, तस्वीरें हुईं वायरल

देविका रानी को महज 9 साल की उम्र में पढ़ाई क लिए इंग्लैंड भेज दिया गया था पढाई कम्पलीट करने के बाद वो भारत लौट आयी थी ये सोचकर की उन्हें फिल्मों में ही अपना करियर बनाना है लेकिन उस वक़्त परिवार की तरफ से इसकी इजाजत ही मिली थी इसके बाद देविका रानी की मुलाकात फिल्म निर्माता बुस्र बुल्फ से हुई. बुस्र देविका की वास्तुकला के हुनर को देखकर काफी प्रभावित हुए और उन्होंने देविका को बतौर डिजाइनर नियुक्त कर लिया.

हिमांशु देविका की खूबसूरती पर मुग्ध हो गए और साल 1933 में अपनी फिल्म 'कर्म' में काम देने की पेशकश की, जिसे देविका ने खुशी-खुशी स्वीकार कर लिया. इस फिल्म में देविका के हीरो हिमांशु राय ही बने. उन्होंने इस दौरान हिमांशु राय के साथ एक किस सीन फिल्माया, जो उस समय का सबसे लंबा किसिंग सीन था.इसमें पहली बार चार मिनट का चुंबन दृश्य दिखाया गया, जिसके बाद देविका की काफी आलोचना हुई और फिल्म को बैन भी कर दिया गया.

ये भी पढें- सनी लियोन ने उनकी 'गाय' चुराने वालों को दिखाया ये अंदाज़, तस्वीर वायरल

 

इसके बाद हिमांशु ने देविका से शादी कर ली और मुंबई आ गए. उसके बाद भी देविका रानी की हिट फिल्मों में शामिल 1936 में आई अछूत कन्या, 1937 में आई जीवन प्रभात और 1939 में आई दुर्गा है. देविका ने हिमांशू राय के साथ मिलकर बॉम्बे टॉकीज नाम का स्टूडियो बनाया, जिसके बैनर तले कई सुपर हिट फिल्में आईं. अशोक कुमार, दिलीप कुमार, मधुबाला और राज कपूर जैसे सितारों का करियर उनके हाथों परवान चढ़ा.

ये भी पढें- सोनी टीवी का कपिल को अल्टीमेटम, काम करो नहीं तो कॉन्ट्रैक्ट खत्म करो

 

इसके अलावा देविका रानी को फिल्म इंडस्ट्री में योगदान देने के लिए भारत सरकार ने साल 1969 में जब दादा साहेब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत की तो इसकी सर्वप्रथम विजेता देविका रानी बनीं. देविका फिल्म इंडस्ट्री की प्रथम महिला बनीं, जिन्हें पद्मश्री से नवाजा गया और इसी के बाद 9 मार्च 1994 को देविका रानी ने दुनिया को अलविदा कह दिया था.

ये भी पढ़ें- उर्वशी रौतेला के फर्जी आधार कार्ड से बुक किया रूम और फिर...

ये अदाकारा उस वक़्त की मशहूर कलाकार थी. इनकी एक्टिंग और खूबसूरती सभी को दीवाना बना देने वाली थी. देविका ने उस वक़्त फिल्म इंडस्ट्री में अपना लोहा मनवाया था, जब कोई लड़की घर से भी निकलने से पहले सोचती थी.

 

 

 

First published: 30 March 2018, 10:12 IST
 
पिछली कहानी
अगली कहानी