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समीक्षा की समीक्षा: हर तामझाम के बावजूद शाहरुख के स्टारडम से न्याय नहीं करती है फैन

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 16 April 2016, 20:07 IST

बॉलीवुड के किंग खान की नई रिलीज फैन ऐसी फिल्म है जिसमें एक भी गाना नहीं है. मनीष शर्मा निर्देशित इस थ्रिलर फिल्म में शाहरुख डबल रोल में नजर आए हैं. 

अधिकांश फिल्म समीक्षकों द्वारा इसे अच्छी रेटिंग दी गई है. जबकि कुछेक ने फिल्म की कहानी, किरदार आदि की जमकर बखिया उधेड़ी है.

आजतक के आर जे आलोक द्वारा फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी सेकेंड हाफ के हिस्से को बताया गया है. इसे और भी अच्छे से सजाया जा सकता था. कई ऐसी घटनाएं घटती हैं जिससे कनेक्ट कर पाना काफी मुश्किल होता है. लंबे चेसिंग सीक्वेंस बोर करने लगते हैं. 

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आलोक ने फिल्म को पांच में से तीन स्टार देने के साथ ही कहा है कि अगर आप शाहरुख खान के सबसे बड़े वाले फैन हैं तो ही ये फिल्म देखें. हालांकि उन्होंने फिल्म में शाहरुख खान के अभिनय की तारीफ करते हुए इसे 200 फीसदी योगदान बताया है.

शेखर ने तो सलमान खान के प्रशंसकों को भी इस फिल्म को देखने की सलाह दे डाली है

बीबीसी पर मयंक शेखर द्वारा भी फिल्म को तीन स्टार दिए गए हैं. शेखर ने फिल्म में कहीं-कहीं शाहरुख के आत्ममुग्ध होने की झलक के साथ ही इसे दर्शकों को बांधे रखने वाला और अंत में गहरी छाप छोड़ने वाला बताया है. 

फिल्म में शाहरुख की एक्टिंग को भी जबरदस्त बताया गया गया है. शेखर ने तो सलमान खान के प्रशंसकों को भी इस फिल्म को देखने की सलाह दे डाली है.

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अमर उजाला के रवि बुले कहते हैं कि दोहरी भूमिका के बावजूद फिल्म शाहरुख के स्टारडम से न्याय नहीं करती. एक तरफ स्टार शाहरुख की चमक यहां फीकी है. दूसरी तरफ मेक-अप और स्पेशल इफेक्ट्स से बना जूनियर शाहरुख एक मासूम लगते फैन से सनकी बदमाश में तब्दील हो जाता है और दर्शकों की संवेदना खो देता है. दोनों ही किरदार दर्शकों को नहीं जोड़ पाते. 

फिल्म निर्माता आदित्य चोपड़ा की फैन को बुले ने केवल दो स्टार ही दिए हैं. उन्होंने लिखा है शाहरुख पर उम्र हावी होने लगी है. उनका चार्म यहां गायब है. जो लोग सिनेमा को मनोरंजन के लिए देखते हैं वे निराश होंगे. कमजोर स्क्रिप्ट थ्रिल को उथला कर देती है.

फिल्म के कई डायलॉग भी शाहरुख के प्रशंसको की भावनाओं को आहत कर सकते हैं

नवभारत टाइम्स के चंदरमोहन शर्मा ने फिल्म को साढ़े तीन सितारे देते हुए लिखते हैं कि अगर इंटरवल तक फिल्म आपको किंग खान पर बनी एक डॉक्यूमेंट्री होने का भ्रम कराती है तो इसके बाद जब निर्देशक को कुछ नया-अलग दिखाना चाहिए था, मनीष ऐसे भटक जाते हैं कि आखिर तक ट्रैक पर नहीं लौट पाते.

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शर्मा के मुताबिक फिल्म इंटरवल के बाद दर्शकों के सब्र का इम्तहान लेने लगती है. फिल्म के कई डायलॉग भी शाहरुख के प्रशंसको की भावनाओं को आहत कर सकते हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की शुभ्रा गुप्ता फिल्म को एक सफल बताती हैं. गुप्ता के मुताबिक शाहरुख ने पूरी मेहनत-लगन के साथ बहुत बेहतर अभिनय किया है. हर ओर से देखने पर फैन पूरी तरह शाहरुख की ही फिल्म नजर आती है और यह साबित करती है कि शाहरुख अपने कंफर्टजोन से आराम से बाहर निकल सकते हैं. 

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फैन को साढ़े तीन सितारे देने वाली गुप्ता कहती हैं कि पूरी फिल्म में शाहरुख आपके साथ चलते हैं.

First published: 16 April 2016, 20:07 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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