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जन्मदिन विशेष: हृषिकेश मुखर्जी केवल फिल्म निर्देशक ही नहीं, टीचर भी थे

कैच ब्यूरो | Updated on: 30 September 2016, 16:00 IST
(एजेंसी)

हिंदी सिनेमा के महान फिल्म निर्देशक हृषिकेश मुखर्जी का जन्म 30 सितंबर को हुआ था. कला के साथ-साथ हास्य और मनोरंजन से भरपूर फिल्मों के लिए याद किए जाने वाले मुखर्जी बतौर निर्देशक अपनी फिल्मी पारी एक बेहद ही गंभीर फिल्म ‘सत्यकाम’ से की थी.

इसके अलावा मुखर्जी ने 'गुड्डी’, ‘बावर्ची’, ‘गोलमाल’ और 'आनंद' जैसी बेहद सफल फिल्में हिंदी सिनेमा को दी.

ऐसा कहा जाता है कि मुखर्जी इतने सख्त और अनुशासनप्रिय फिल्म निर्देशक थे कि धर्मेंद्र और अमिताभ बच्चन जैसे सुपरस्टार भी उनके सामने खामोश रहना पसंद करते थे.

मुखर्जी के साथ अनेक फिल्मों में काम करने वाले अभिनेता असरानी ने बताया, "मुखर्जी केवल निर्देशक नहीं थे, वह एक अध्यापक जैसे थे. वह सबको बताते थे, कि कैसे बोलना चाहिए, क्या कहना चाहिए और क्या नहीं कहना चाहिए, चाहे वह अमिताभ हों, या धर्मेंद्र."

उन्होंने बताया कि मुखर्जी आखिरी समय तक आने वाले दृश्यों के बारे में ज्यादा नहीं बताते थे, इस बात के लिए वह काफी कुख्यात थे. साल 1975 में ‘चुपके चुपके’ की शूटिंग के दौरान असरानी को एक किरदार के लिए सूट पहनना था, जिसके बारे में पूछने के लिए वह मुखर्जी के पास गए लेकिन उन्हें कुछ नहीं बताया गया.

उन्होंने कहा, "मैं सूट पहने हुए शूटिंग के लिए मौजूद था. हृषि दा उस समय फिल्म के लेखक राही मासूम रजा के साथ बैठे शतरंज खेल रहे थे. वहां चार-पांच सह निर्देशक भी थे . मैं उनसे फिल्म के दृश्य के बारे में पूछ रहा था, लेकिन उनमें से किसी ने जवाब नहीं दिया."

तभी धर्मेन्द्र एक ड्राइवर की ड्रेस में वहां दाखिल हुए और उन्होंने हैरान होकर पूछा, "मैं तेरा ड्राइवर बना हूं ?"

असरानी ने बताया, "उस समय ज्यादा खर्च करने पर पाबंदी थी और हम लोग पुरानी फिल्मों के कपड़े ले लेते थे. मुझे आम तौर पर फिल्मों में सूट पहनने वाले किरदार नहीं मिलते थे, लेकिन अभी मुझे सूट पहनना था."

इस बात से धर्मेन्द्र डर गए और पूछा, "क्या चल रहा है? फिल्म का दृश्य क्या है? तुम्हें यह सूट कहां से मिल गया और मुझे ड्राइवर की ड्रेस दे दी गई. हृषिकेश मुखर्जी तो अपने बाप को भी सूट नहीं देगा."

उसी समय मुखर्जी ने वहां चल रही हलचल को देखा और धर्मेन्द्र पर चिल्ला पड़े. "ऐ धरम, तुम असरानी से क्या पूछ रहे हो? दृश्य , ठीक है? अरे, यदि तुम्हें कहानी की समझ होती, तो क्या तुम एक अभिनेता होते?"

‘एंग्री यंग मैन’ के रूप में लोकप्रिय अमिताभ बच्चन को भी मुखर्जी के गुस्से का शिकार होना पड़ा था. असरानी को सूट पहने देखकर वह उनके किरदार और दृश्य के बारे में पूछने के लिए गए, लेकिन निर्देशक ने उन्हें चुप करा दिया.

अमिताभ ने मुझसे पूछा, "ओह ..तुमने आज सूट कैसे पहन लिया? उन्होंने सेट के तरफ इशारा करके पूछा- यह किसका दफ्तर है?"

असरानी ने बताया, "दादा ने फिर से यह देख लिया और चीखे, ऐ अमित... तुम असरानी से क्या पूछ रहे हो? कहानी के बारे में या दृश्य के बारे में ? धरम... इसे बताओ, मैंने जो तुमसे कहा है. तुम लोगों को अगर कहानी की समझ होती, तो तुम लोग यहां अभिनय नहीं कर रहे होते. चलो काम के लिए तैयार हो जाओ."

महान फिल्मकार हृषिकेश मुखर्जी का निधन 27 अगस्त 2006 में हुआ था.

First published: 30 September 2016, 16:00 IST
 
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