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इंडियाज गॉट टैलेंटः अमृतसर के 13 वर्षीय विजेता सुलेमान से जुड़ी 7 बातें

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 10 July 2016, 13:48 IST
(कलर्स/ट्विटर)

अमृतसर, पंजाब निवासी एक 13 साल के लड़के ने केवल एक बांसुरी के दम पर देश को हिला दिया. शनिवार को टेलीविजन रिएलिटी शो इंडियाज गॉट टैलेंट के सातवें संस्करण के ग्रैंड फिनाले में सुलेमान को देश की जनता से सर्वाधिक वोट देकर विजेता बनाया.

शो का विजेता बनने पर सुलेमान को 50 लाख रुपये का नगद पुरस्कार, एक मारुति सेलेरियो कार के साथ शो के निर्णायकों किरण खेर, मलाइका अरोड़ा खान और करण जौहर के सिग्नेचर वाली विशेषरूप से बनाई गई ट्रॉफी दी गई.

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बता दें कि इंडियाज गॉट टैलेंट का सातवां सीजन 30 अप्रैल से शुरू हुआ था. इसे कॉमेडियन भारती सिंह और सिद्घार्थ शुक्ला होस्ट करते थे.

इस शो के ग्रैंड फिनाले में सुलेमान का मुकाबला इस सीजन के पसंदीदा प्रतिस्पर्धियों यानी मल्लाखंब, आकाश, अथर्व, अंतरा और पपई से था. हुनर के इस महामुकाबले के दौरान अनिल कपूर, वरुण धवन, जैक्लीन फर्नांडीज और जॉन अब्राहम भी मौजूद थे.

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सुलेमान से जुड़ी सात बातें

  1. केवल तीन साल की उम्र से ही बांसुरी बजाना शुरू करने वाले सुलेमान फिलहाल बांसुरी वादन के दिग्गज पंडित हरिप्रसाद चौरसिया से इसकी बारीकियां और धुनें सीख रहे हैं.
  2. सुलेमान के माता और पिता दोनों ही संगीत से जुड़े हुए हैं. सुलेमान ने जहां अपने बांसुरी वादक पिता से बांसुरी बजाना सीखा. उनकी बहन अपनी मां से हरमोनियम बजाने की तालीम ले रही है.
  3. बांसुरी के अलावा सुलेमान के पिता ने उन्हें तबला, कीबोर्ड, हरमोनियम और गिटार बजाना भी सिखाया है. 
  4. एआर रहमान और अरिजीत सिंह को अपना आदर्श मानने वाले सुलेमान को इंडिया गॉट टैलेंट का सबसे बढ़िया पल वो लगा, जब वे सलमान खान से मिले.
  5. सुलेमान की ख्वाहिश है कि वो संगीत के क्षेत्र में उतरने से पहले अपनी पढ़ाई पूरी करें. 
  6. बांसुरी बजाना सीखने के बाद सुलेमान ने बेंगलुरू, भुवनेश्वर और अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रमों में भी प्रस्तुति दी है. 
  7. शो जीतने के बाद जारी एक बयान में सुलेमान ने कहा, "इंडियाज गॉट टैलेंट का विजेता बनना मेरी सबसे बड़ी उपलब्धि है क्योंकि इससे मेरे पिता का सपना पूरा हो गया. इस शो ने मुझे एक मंच दिया है जिसके जरिये मैं दुनिया के सामने अपना हुनर दिखा सकूं और एक मौका भी दिया है ताकि मैें अपने हुनर को आगे ले जाऊं. मैं अपने पिता और गुरू पं. हरिप्रसाद चौरसिया का भी शुक्रगुजार हूं जिनकी वजह से मैं यहां पहुंचा."

First published: 10 July 2016, 13:48 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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