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मुझे मुल्लाओं से डर नहीं लगताः इरफान खान

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 July 2016, 13:47 IST
(पोस्टर)

फिल्म अभिनेता इरफान खान ने कहा है कि वो मुल्लाओं से नहीं डरते. इरफान के जानवरों की कुर्बानी पर दिए एक बयान पर कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं और दूसरे लोगों ने आपत्ति जताई थी. 

इरफान ने शुक्रवार शाम ट्वीट किया, "मुल्लाओं से मुझे डर नहीं लगता!! ख़ुदा का शुक्र है कि मैं ऐसे देश में नहीं रहता जहां धर्म के ठेकेदारों की हुकूमत चलती है." इरफान ने अपने ट्वीट के साथ फ्रीडम (आजादी) हैशटैग का भी प्रयोग किया.

इरफान के बयान के बाद कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं और अन्य मुस्लिमों ने उनकी आलोचना की और उनके इस्लाम के ज्ञान पर सवाल उठाया था.

उसके बाद इरफ़ान ने ट्वीट किया, "प्लीज भाइयों, जो मेरे कमेंट से नाराज हैं वो या तो अपने अंदर झांकने के लिए तैयार नहीं हैं या फैसला सुनाने की जल्दी में हैं."

इरफान का मूल कमेंट

इरफान ने जयपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान  कहा था, "जितने भी रीति-रिवाज, त्यौहार हैं, हम उनका असल मतलब भूल गए हैं, हमने उनका तमाशा बना दिया है. कुर्बानी एक अहम त्यौहार है. कुर्बानी का मतलब बलिदान करना है. किसी दूसरे की जान कुर्बान करके मैं और आप भला क्या बलिदान कर रहे हैं?"

अपनी बात को समझाते हुए इरफान ने आगे कहा, "जिस वक्त यह प्रथा चालू हुई होगी, उस वक्त भेड़-बकरे भोजन के मुख्य स्रोत थे. तमाम लोग थे जिन्हें खाने को नहीं मिलता था. उस वक्त भेड़-बकरे की कुर्बानी एक तरह से अपनी कोई अज़ीज़ चीज़ कुर्बान करना और दूसरे लोगों में बांटना था. आज के दौर में बाजार से दो बकरे खरीद कर लाए तो उसमें आपकी कुर्बानी क्या है. हर आदमी दिल से पूछे, किसी और की जान लेने से उसे कैसे सवाब मिल जाएगा, कैसे पुण्य मिलेगा."

First published: 2 July 2016, 13:47 IST
 
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