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'दंगा', नेहरू और दंगल: फिल्म पर पहलाज निहलानी और गजेंद्र चौहान आमने-सामने

कैच ब्यूरो | Updated on: 21 September 2016, 10:56 IST
(पीटीआई)

केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सेंसर बोर्ड) के विवादित प्रमुख पहलाज निहलानी और फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (एफटीआईआई) के विवादित हेड गजेंद्र चौहान एक फिल्म को लेकर आमने-सामने आ गए हैं.

अंग्रेजी अखबार 'इकनॉमिक टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता दंगों पर बनी इस फिल्म में एक तरफ तो पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर विवादित टिप्पणी की गई है, वहीं दूसरी ओर जनसंघ संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी की तारीफ की गई है.

फिल्म में नेहरू पर विवादित टिप्पणी

नेहरू पर विवादित टिप्पणियों पर गौर करते हुए सेंसर बोर्ड ने इस फिल्म को मंजूरी देने से मना कर दिया है.

16 अगस्त 1946 को शुरू हुए कोलकाता दंगों के विषय लेकर यह फिल्म मिलन भौमिक ने बनाई है. 'दंगा' नाम की इस फिल्म को सेंसर बोर्ड ने यह कहते हुए मंजूरी देने से मना कर दिया कि इसमें तथ्यों का अभाव है.

इसके साथ ही बोर्ड ने यह भी कहा कि इस फिल्म के प्रसारण से देश में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती है. सेंसर बोर्ड का आशंका है कि अगर इस फिल्म को मंजूरी दी जाती है तो इससे हिंसा भी हो सकती है.

वहीं गजेंद्र चौहान का कहना है कि बिना इतिहासकारों से सलाह-मशविरा किए सेंसर बोर्ड का यह तय करना कि हत्याएं नहीं हुईं, गलत हैं.

'दंगा' में गजेंद्र चौहान की भी अदाकारी

गजेंद्र चौहान ने इस फिल्म में अभिनय किया है. उनका कहना है कि उन्होंने इस मामले पर रिसर्च की और इसके बाद ही फिल्म से जुड़ने का फैसला किया.

चौहान का कहना है, "मैंने खूब शोध किया और फिल्म के किरदार में खुद को फिट करने के लिए काफी मेहनत की. इस फिल्म में अभिनय करते हुए मुझे लगा कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा मेरे भीतर प्रवेश कर गई है."

First published: 21 September 2016, 10:56 IST
 
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