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इस वजह से महात्मा गांधी नहीं करते थे सिनेमा को पसंद, पूरी जिंदगी में देखी बस ये 2 फिल्में

कैच ब्यूरो | Updated on: 2 October 2019, 9:11 IST

भारत की आजादी में अमूल्य योगदान देने वाले महात्मा गांधी जीवन में कई चीजों को पसंद करते थे. लेकिन उन्हें सिनेमा बिलकुल पसंद नहीं था. उन्होंने अपने पूरे जीवन में बस दो ही फिल्में देखीं थी.इनमें एक इंग्लिश फिल्म थी और एक हिंदी फिल्म.उन्हें सिनेमा कल्चर और अखबारों में ग्लैमरस स्टार्स की तस्वीरों को वो पसंद नहीं करते थे. जिसके चलते उन्होंने सिर्फ दो ही फिल्में देखी.

महात्मा गांधी ने सबसे पहली फिल्म वर्ष 1943 में मिशन टू मॉस्को देखी थी. कहा जाता है कि गांधी की एसोसिएट मीराबेन ने गांधी को ये फिल्म देखने के लिए मनाया था. दरअसल इसके पीछे भी एक किस्सा जुुड़ा हुआ है. महात्मा गांधी उन दिनों आगा खान जेल से छूट कर आने के बाद नरोत्तम मोरारजी के परिवार के साथ उनके बंगले के कंपाउड में रह रहे थे.

एक दिन कंपाउड में पोल्स और बिजली कनेक्शन लगाने का काम किया जा रहा था. स्थानीय म्युनिसिपालिटी से इसकी परमिशन लेने के बाद ये किया जा रहा था.जिससे उन्हें फिल्म दिखाईं जा सके. उस दौरान उन्होंने दूसरी फिल्म देखी. जो रूस के यूएस एंबेसेडर जोसेफ डेविस की जीवनी पर आधारित थी. इस फिल्म में कुछ न्यूड सीन्स भी थे. जिन्हें देखने के बाद गांधी आग बबुला
हो गए थे.

वहीं इसके बाद गांधी को आर्ट के डायरेक्टर कन्नु देसाई ने सोच लिया था कि वो गांधी को फिल्म राम राज्य दिखाएंगे. उन्हें पूरा भरोसा था कि गांधी को ये फिल्म पसंद आएगी. गांधी ने इस पर ये कहा कि मुझे हिंदी फिल्म देखनी बहुत पंसद हैं क्योंकि मैंने अग्रेजी फिल्म देखने की गलती कर दी.

हालांकि गांधी इस फिल्म को सिर्फ आधे घंटे का प्लान रखा था. लेकिन उन्होंने फिल्म देखते देखते इसे पूरा देख लिया. हालाकिं फिल्म में शो की आवाजों के चक्कर में गांधी को ये फिल्म बिलकुल पसंद नहीं आई थी. हालांकि गांधी म्यूजिक के शौकिन थे और उन्होंने वर्ष 1947 में कोलकाता में जुथिया रॉय के भजनों को सुनना भी पसंद करते थे.

First published: 2 October 2019, 9:11 IST
 
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