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'बदनाम' कहानियों का 'मशहूर' कहानीकार- सआदत हसन मंटो

आकांक्षा अवस्थी | Updated on: 21 September 2018, 14:15 IST

मंटो को अगर उर्दू का सबसे बड़ा अफसानानिगार कहा जाए तो ये पूरी तरह से जायज़ है. महज 42 साल की उम्र में मंटों ने समाज के कई नकाबों से पर्दा हटाकर उन्हें अपनी कहानियों में दर्ज कर दिया. मंटो को एक ऐसे लेखक के तौर पर पहचाना जाता है जिसने समाज की सफेदी के पीछे के स्याह सच को बेलिबास कर दिया.

मंटों को अपनी कहानियों को लेकर हमेशा ही विवादों का सामना करना पड़ा. मंटों की कहानियों के किरदार समाज का वो तबका होता था जिसे लेकर इस समाज में सबसे ज्यादा दोहरापन है. मंटों उन औरतों को समझने का दावा करते थे जिन्हें इस समाज ने हिकारत और नफरत के सिवा कभी कुछ नहीं दिया. मंटों की कहानियों ने उन औरतों को अपनाया जिन्हें इस समाज ने हमेशा धिक्कारा, हालांकि इन औरतों की चौखटों पर समाज के उन सफेदपोशों की सफेदी भी बेलिबास होती रही है.

1947 के भारत-पाकिस्तान के बंटवारे का गहरा जख्म भी सहा है. खुद एक जज का बेटा होने के बाद भी मंटो विवादों के चलते अपने मुकदमों की पैरवी करते अदालत के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उनकी कलम की धार तब भी कम नहीं हुई.

मंटों की लेखनी के साथ ही मकबूल रहे उनके अदालत के किस्से. यहां कुछ ऐसी ही कहानियों का जिक्र किया है जिसने मंटो को कलम को अदालत के कठघरे में खड़ा कर दिया.

-खोल दो (1952) (पाकिस्तान में मुकदमा)

इस कहानी को लेकर मंटों के ऊपर पाकिस्तान में मुकदमा दर्ज किया गया था. ये कहानी बंटवारे के समय सिराजुद्दीन की लापता बेटी सकीना के इर्द-गिर्द धूमती है.

-ठण्डा गोश्त (1952) (पाकिस्तान में मुकदमा)

पाकिस्तान में मंटो की इस कहानी पर भी मुकदमा चलाया गया. इस कहानी की भूमिका भी बंटवारे से जुड़ी है. इस कहानी में भी बंटवारे के कुछ भयावय वाक़यों का जिक्र हैं.

-धुआं

एक नाबालिग लड़के मसऊद और उसकी बहन कुलुसम की कहानी है धुआं. इस कहानी में दोनों भाई बहन की जिंदगी में कुदरतन आने वाले हार्मोनल बदलाव का तफ्सील से बयान किया गया है. इस कहानी में ये दिखाया है कि कैसे एक लड़के और लड़की की उम्र के साथ होने वाले बदलावों का उनके जहन पर क्या असर पड़ता है.

- बू
ये एक ऐसे नौजवान की कहानी है जो अमीरी के नशे में चूर है. जिसका लड़कियों से एहसास का नहीं बल्कि महज शारीरिक सम्पर्क का वास्ता है. कहानी के अंत में दिखाया जाता है की कैसे सिर्फ वासना में डूबा वो युवक किसी एक लड़की के लिए एहसास में बांध जाता है.

 -काली सलवार

काली सलवार मंटो की सबसे ज्यादा मशहूर कहानियों में से एक है. ये एक ऐसी औरत की कहानी है जो पेशे से सेक्सवर्कर है. आजीविका चलाने के लिए उसे किस तरह के अनुभवों से गुजरना पड़ता है ये उस मजबूर जिंदगी  की कहानी है.

 

First published: 21 September 2018, 14:15 IST
 
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