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कोर्ट ने आमिर खान से 'सत्यमेव जयते' शब्द के इस्तेमाल पर स्पष्टीकरण मांगा

कैच ब्यूरो | Updated on: 10 February 2017, 1:52 IST

बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक सामाजिक कार्यकर्ता की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान अभिनेता आमिर खान और स्टार टेलीविजन से जवाब मांगा है कि उन्होंने अपनेे कार्यक्रम के लिए "सत्यमेव जयते" शब्द का इस्तेमाल क्यों किया.

सामाजिक कार्यकर्ता मनोरंजन राय ने बॉम्बे हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर करके कहा कि शब्द "सत्यमेव जयते" भारत के प्रतीक चिह्न का हिस्सा है और इसलिए उसका इस्तेमाल करना भारतीय राज्य प्रतीक चिह्न (निषेध एवं अनुचित इस्तेमाल) कानून और भारतीय राज्य प्रतीक चिह्न (उपयोग एवं नियमन) के तहत उल्लंघन है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में कहा है कि  "सत्यमेव जयते" का इस्तेमाल कानून एवं नियमों का उल्लंघन कहीं से भी नहीं हैं.

गृह मंत्रालय की ओर से अवर सचिव प्रदीप पांडेय के दायर हलफनामे में कहा गया है कि 'कानून एवं नियम भारत के प्रतीक चिह्न का पूरा का पूरा अनुचित इस्तेमाल निषिद्ध करते हैं. ऐसा कोई प्रावधान नहीं जो उसके हिस्सों का इस्तेमाल निषिद्ध करता हो जैसे सत्यमेव जयते, शेर, बैल, घोड़ा आदि.'

गृह मंत्रालय की ओर से दायर हलफनामे में यह भी कहा गया कि 'सत्यमेव जयते' शब्द का इस्तेमाल टेलीविजन कार्यक्रम में किया जाना किसी भी प्रकार से कानून एवं नियमों का उल्लंघन नहीं है' कोर्ट ने यद्यपि सवाल किया कि यदि कल कोई शब्दों को छोड़कर पूरे प्रतीक चिह्न का इस्तेमाल करता है तो क्या केंद्र सरकार यही रुख व्यक्त करेगी.

न्यायमूर्ति ए एस ओका और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की खंडपीठ ने अतिरिक्त सालिसिटर जनरल अनिल सिंह को आदेश दिया कि याचिका के संबंध में 20 अप्रैल को पेश हों. अदालत ने स्टार टीवी और आमिर खान से कहा कि वे अपने हलफनामे 20 अप्रैल तक दायर करें.

First published: 12 March 2016, 9:33 IST
 
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