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हिंदुस्तानी फिल्मी गीतों का अलबेला पाकिस्तानी फ़ैन

लमट र हसन | Updated on: 25 March 2016, 12:34 IST

पाकिस्तान में हिंदी फिल्मों के गानों की लोकप्रियता कोई नयी बात नहीं है. लेकिन हिंदी गानों के पाकिस्तानी प्रशसंकों में ताहिर गुल हसन सबसे हटकर हैं. वो सिर्फ इन गानों को सुनते-सुनाते ही नहीं हैं बल्कि उन्हें अपने ही ख़ास अंदाज में दुनिया के सामने पेश करते हैं.

ताहिर गुल हिंदी गानों की अंग्रेजी पैरोडी बनाते हैं. उनके गानों के साथ अलबेले डिस्क्लेमर भी होते हैं. मसलन, "चेतावनीः 18 साल से कम उम्र के अभिभावक अपने बच्चों के साथ ही इसे देखें" या "चेतावनीः 21 साल से कम उम्र के अभिभावक इसे पढ़ते समय अपने समय से पहले परिपक्व हो चुके बच्चों को साथ रखें."

ताहिर गुल की पैरोडी से आपको गुदगुदी जरूर होगी. खास कर तब जब आप ताहिर की बात मानकर उनकी व्याख्या के साथ असली गानों को सुनेंगे.

ताहिर गुल हसन ने मोहम्मद रफ़ी के गाने 'हम तुमसे जुदा होकर' से शुरू की थी हिंदुस्तानी फिल्मी गीतों की पैरोडी

ताहिर का ये सफ़र कुछ साल पहले इंटरनेट पर मोहम्मद रफ़ी के गाने 'हम तुमसे जुदा होकर' शुरू हुआ था. अभी तक वो कुल 28 हिंदी फिल्मी गानों की पैरोडी कर चुके हैं.

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ताहिर के 1963 की क्लासिक फिल्म 'दिल ही तो है' के गाने 'तुम मुझको ना चाहो तो कोई बात नहीं' की पैरोडी कुछ इस तरह है,

"(वूमैन हाइड्स बिहाइंड दी-फ्लावर्स)

इफ यू डोंट एप्रीशिएट...

इफ यू डोंट एप्रीशिएट माई (डबल-बाइपास) हार्ट, इट इज आल राइट

इट इज ऑल राइट

बट इफ यू एप्रीशिएट ए स्ट्रेंजर्स (स्टेंट-बाइपास) हार्ट, यू विल हैव (मेडिकल) प्रॉब्लम्स

इफ यू प्ले विद समवन एल्स(सिटिंग ऑन दैद सोफ़ा), यू विल हैव (मैरिटल) प्राब्लम्स."

1969 की फिल्म कन्यादान के सुपरहिट गाने 'लिखे जो खत तुझे' का ताहिर ने कुछ यूं व्याख्या की है,

"(हे बेबे) द (फ्रेंच) लेटर्स दैद आई रोट टू यू

गेटिंग आल वर्क्ड अप फॉर यू

टर्नड इनटू वॉन्डरफुल (एडल्ट टूरिज्म) साइट्स ऑफ ए थाउजेंड कलर्स

वेन द मार्निंग केम,

दे टर्न्ड इनटू डी-फ्लावर्स

एंड वेन नाइट केम, दे टर्न्ड आनटू(पीजी-18 मूवी) स्टार्स

(हे बेबे) द (फ्रेंच) लेटर्स दैट आई रोट ट यू

ताहिर इस गीत को कुछ इस तरह खत्म करते हैं कि आपको दांतों तले उंगली दबानी पड़ जाएगी. वो लिखते हैं, "अब सुनिए इस गाने का सस्ता भारतीय उर्दू संस्करण."

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ताहिर को हिंदी सिनेमा की काफी मालूमात है. उनकी कमेंट्री से आप को इसके पर्याप्त सुबूत मिल जाएंगे.

  • "प्रदीप कुमार के वेशभूषा पर आप ध्यान न दें, आप प्यारी बीना राय की 'मोरनी सी चाल' पर ध्यान दें जो प्रेम नाथ की पत्नी हैं(हालांकि मैंने उन्हें ऐसा करने से मना किया था)"
  • "फिल्म ताजमहल से एक और क्लासिक(जो वादा किया वो निभाना पड़ेगा). गीत के बोल शानदार हैं. बस आप जाने-पहचाने सेट और फ्रेंच डिजाइनर ड्रेसेज को नजरंदाज करें. और अगर स्कॉट जमींदार किल्ट पहन सकते हैं तो फिर मुगल क्यों नहीं?"
  • "किशोर कुमार की इस बात के लिए तारीफ करनी होगी कि जब युसूफ खान (दिलीप कुमार) ने शादी से इनकार कर दिया तो वो बला की ख़ूबसूरत मधुबाला(जी हां वो मुस्लिम थीं) को रिझाने में कामयाब रहे. किशोर की आवाज नहीं बल्कि उनके सेंस ऑफ़ ह्यूमर ने सबको यकीन दिलाया कि प्यार के खेल में कभी-कभी एक जोकर भी राजकुमारों से आगे निकल जाता है."

कैफी आजमी के मशहूर गीत "होके मजबूर मुझे उसने भुलाया होगा" पर ताहिर हैरानी जताते हुए लिखते हैं कि वो ऐसे और गीत क्यों नहीं लिख सके. वो लिखते हैं, "ये श्वेत-श्याम में चित्रित बहुत ही लंबा गीत है. आज के तालिबान फिदायीन के दौर में ये गाना बिल्कुल मुफीद नहीं है क्योंकि वो तो जन्नत के बारे में सोचते हैं, न कि अपनी प्यारी घरवाली के बारे में."

लाहौर के रहने वाले ताहिर गुल हसन को पसंद है मदन मोहन का संगीत

ताहिर मदन मोहन के संगीतबद्द गीत "ज़रा सी आहट होती" की बहुत तारीफ करते हैं और अपने पाठकों से आहट की अंग्रेजी बताने को कहते हैं. हालांकि कोई पाठक ये नहीं बता पाता.

बहुमुखी प्रतिभा के धनी


ताहिर ने इतिहास और अंग्रेजी साहित्य की पढ़ाई की है. वो लाहौर में रहते हैं और उन्हें लिखना पसंद है. गूगल की मानें तो वो एविएटर, राइटर, फोटोग्राफर और संगीतकार हैं.

वो अपने ब्लॉग पर खुद के बारे में ज्यादा नहीं बताते. जब हमने उनसे इंटरव्यू के लिए पूछा तो उनका संक्षिप्त जवाब था, "मुझे अच्छा लगा कि आपने पूछा..."

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अपने एक ब्लॉग में उन्होंने बताया है कि उन्होंने 90 के दशक में वेट मेटल नामक पाकिस्तानी बैंड के लिए 'प्यार की प्यास' गीत लिखा था.

उस गीत के लिए संगीत, रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग भी उन्होंने ही की थी. वो बताते हैं कि गिटार को छोड़कर एल्बम में प्रयोग किए गए सभी वाद्ययंत्र उन्होंने खुद बजाए थे. उस एल्बम से मशहूर पाकिस्तानी गायक नजम शिराज़ को अपना पहला ब्रेक मिला था. 

आइए, चलते-चलते एक और मशहूर हिंदुस्तानी गीत को ताहिर की नजर से देखते हैं,

"फ्रॉम योर (माउलिन रूज= मौलाना राज) वर्ल्ड, हेल्पलेस्ली आई मूव अवे

आई एम गोइंग वेरी फार, एक्सीडिंगली फार, गोइंग एक्ट्रीमिली फार."

आप दिमाग़ पर ज़ोर मत डालिए, हम बता देते हैं कि ये कौन सा गीत है,

"तेरी दुनिया से होके मजबूर चला/ मैं बहुुत दूर, बहुत दूर, बहत दूर चला/ इस कदर दूर..."

First published: 25 March 2016, 12:34 IST
 
लमट र हसन @LamatAyub

Bats for the four-legged, can't stand most on two. Forced to venture into the world of homo sapiens to manage uninterrupted companionship of 16 cats, 2 dogs and counting... Can read books and paint pots and pay bills by being journalist.

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