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'पोकमॉन गो' में चीट कोड डाला तो कंपनी कर देगी बैन

कैच ब्यूरो | Updated on: 17 August 2016, 14:50 IST

खेल को खेल भावना से खेलना चाहिए. शायद यही विचार लेकर अब 'पोकमॉन गो' बनाने वाली निऐनटिक कंपनी अपने यूजर्स पर सख्ती करने वाली है. कंपनी का कहना है कि जो यूजर्स 'पोकमॉन गो' खेलने के दौरान इसमें चीट कोड का इस्तेमाल करेंगे, कंपनी उन पर पाबंदी लगा देगी.

कंपनी ने लोकेशन बेस्ट रिएलिटी गेम के टर्म्स एंड कंडीशन के उल्लंघन करने वाले यूजर्स पर स्थायी पाबंदी लगाने समेत कई प्रतिबंधों पर काम कर रही है.

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यद्यपि कई तरह के नियमों के उल्लंघन के मामले हैं लेकिन प्रतिबंध 'पोकेमॉन गो' के उन यूजर्स पर लगाने का लक्ष्य है जो जीपीएस (ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) स्पूफिंग मेथड, बोट्स और ऐसी ही अन्य तकनीकों का इस्तेमाल कर इसमें आगे जाने की जुगत भिड़ाते हैं.

टेक टाइम्स की मानें तो जीपीएस स्पूफिंग के जरिये खिलाड़ी दुनिया की किसी भी लोकेशन में जाकर काफी मुश्किल से पकड़ में आने वाले पोकेमॉन पा सकते हैं, जबकि बोट्स के जरिये हैचिंग एग्स और पोकेमॉन इवॉल्विंग जैसे गेम के निर्धारित हिस्सों को ऑटोमैटिक किया जा सकता है.

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निऐनटिक  ने 'पोकेमॉन गो' वेबसाइट पर लिखा, "इसके अंतर्गत अवैध ढंग से अपनी लोकेशन को गलत दिखाना, एम्यूलेटर्स का इस्तेमाल, मॉडीफाइड या अनाधिकारिक सॉफ्टवेयर और/या पोकेमॉन गो क्लाइंट्स या बैकेंड्स तक पहुंचना या फिर थर्ड पार्टी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शामिल है."

निऐनटिक का कहना है वो 'पोकेमॉन गो' प्लेयर्स को "निष्पक्ष, मनोरंजक और वैध" गेमिंग एक्सपीरियंस देना चाहती है और इससे यह एंटी-चीटिंग सिस्टम के विकास की दिशा में काम कर सके.

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इसके अलावा गेम डेवलपर द्वारा एक अपील फॉर्म भी पेश किया गया है जिसके जरिये गलत ढंग से पाबंदी का सामना करने वाले अकाउंट्स के यूजर्स आवेदन कर सकते हैं. यह उनके लिए है जिन पर किन्हीं वजहों से गलत ढंग से पाबंदी लगा दी गई है.

बता दें कि कंपनी प्लेयर्स पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रही है जिनमें सॉफ्ट बैन है जिसके अंतर्गत गेम की कुछ निर्धारित चीजों को एक तय वक्त तक के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाता है. जबकि नए स्थायी प्रतिबंध के अंतर्गत चीटर्स की किसी भी आईपी एड्रेस के जरिये लॉगिन करने पर पाबंदी  रहेगी.

First published: 17 August 2016, 14:50 IST
 
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