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ऑस्कर विजेता रेसुल पूकुट्टी बने गोल्डेनरील जीतने वाले पहले एशियाई

कैच ब्यूरो | Updated on: 29 February 2016, 19:11 IST

भारतीय साउंड डिजाइनर रेसुल पूकुट्टी को डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ के लिए 63वें गोल्डन रील अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये पुरस्कार पाने वाले वो पहले भारतीय और एशियाई साउंड डिजाइनर हैं.

रेसुल साउंड मिक्सिंग के लिए ऑस्कर जीतने वाले पहले भारतीय भी हैं.

इस अवार्ड से नवाजे जाने के बाद रेसुल ने ट्वीटर पर खुशी जाहिर करते हुए लिखा है, 'हमने गोल्डन रील अवार्ड में ‘इंडियाज डॉटर’ के लिए पुरस्कार जीता है. एशिया में पहली बार भारत को गोल्डन रील अवार्ड मिला है.'

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रेसुल पूकुट्टी की यह डॉक्यूमेंट्री ‘इंडियाज डॉटर’ सामूहिक बलात्कार पीड़िता ‘निर्भया’ को समर्पित किया है. रेसुल ने ट्विटर पर लिखा है कि, 'यह सच है कि यह मुझे मिला है. यह भारत के युवाओं की सच्ची भावना के लिए है. मैं यह पुरस्कार 'निर्भया' को समर्पित करता हूं.'

पढ़ें: रेसुल पूकुट्टी की दो बैन फिल्में 63वें गोल्डेन रील अवॉर्ड के लिए नॉमिनेटेड

रेसुल पूकुट्टी को 63वें वार्षिक गोल्डन रील अवार्ड में दो श्रेणियों के लिए नामांकन मिला था. ये फिल्में थीं 'अनफ्रीडम' और 'इंडियाज डॉटर'. 

इन दोनों फिल्मों को भारत सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था. रेसुल को सर्वश्रेष्ठ ध्वनि और संगीत संपादन के टीवी डाक्यूमेंट्री के शार्ट फॉर्म के लिए यह पुरस्कार मिला है.

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रेसुल ने भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान(एफटीआईआई) पुणे से साउंड की पढ़ाई की है.
पद्म श्री से सम्मानित रेसुल सांवरिया, गांधी माई फादर, रावण और आंखों देखी जैसी हिंदी फिल्मों में साउंड डिजाइनिंग की है.
First published: 29 February 2016, 19:11 IST
 
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