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सावधान! बहुत ज्यादा टीवी देखना हो सकता है जानलेवा

अमित कुमार बाजपेयी | Updated on: 26 July 2016, 18:12 IST

एक नई शोध की मानें तो बहुत ज्यादा टेलीविजन देखना भी जानलेवा साबित हो सकता है. इसके पीछे प्रमुख वजह यह है कि एक ही जगह पर काफी देर तक बैठकर टेलीविजन देखने से शरीर के कुछ हिस्से निष्क्रिय हो सकते हैं, इससे फेफड़ों में खून का थक्का जमनेे से मौत होने का खतरा मंडराने लगता है.

शोध के मुताबिक रोजाना दो घंटे से ज्यादा टेलीविजन देखने से फैटल पल्मोनरी इंबोलिज्म का जोखिम 40 फीसदी तक बढ़ जाता है. रोजाना पांच या इससे ज्यादा घंटे तक टेलीविजन देखने वालों में मरने की संभावना 2.5 घंटे या कम वक्त के लिए देखने वालों की तुलना में दोगुनी हो जाती है.

बीमारियों से होने वाली मौतों की वजह से शोध के नतीजों से अलग हकीकत के जोखिम और ज्यादा बुरे हो सकते हैं. 

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जापान में हुए शोध में काफी लंबे वक्त तक 86 हजार से ज्यादा लोगों की टेलीविजन देेखने की आदतों को देखा गया. शोधकर्ताओं ने 1988 से 1990 के बीच 40 से 79 साल आयु वाले लोगों पर नजर रखनी शुरू की और 19 सालों तक उनकी निगरानी की.

इस दौरान कुल 59 मौतों की वजह पल्मनरी इंबोलिज्म के रूप में सामने आई. यह एक खतरनाक स्थिति होती है जो उस वक्त और ज्यादा खतरनाक हो जाती है जब लोग हिलते-डुलते (गतिविधि) नहीं हैं.

आमतौर पर यह शरीर के किसी हिस्से में क्लॉट (थक्का) जमने से शुरू होती है जो फेफड़ों तक जा सकता है, इससे नसें अवरुद्ध हो जाती हैं और लोगों की मौत हो जाती है. इनसे पीड़ित एक चौथाई से ज्यादा लोग जिन्हें उपचार नहीं मिल पाता, मौत के शिकार बन जाते हैं. इससे होने वाली मौत अचानक होती है.

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वैज्ञानिकों ने टेलीविजन देखने की आदतों के साथ अन्य कारकों मसलन मोटापा, मधुमेह, धूम्रपान और उच्च रक्तचाप (हाई बीपी) पर भी ध्यान दिया, जिससे इसके परिणाम और खतरनाक होंगे. 

वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विसेज ज्यादा खतरनाक

शोधकर्ताओं की मानें तो उन्होंने यह शोध उस वक्त किया था जब मोबाइल, कंप्यूटर्स और अनलिमिटेड स्ट्रीमिंग सर्विसेज प्रचलन में नहीं थीं. लेकिन अब इंसान हर वक्त इनसे घिरा हुआ है. इसलिए इन खतरों को मापने के लिए और ज्यादा शोध की जरूरत है.

लेकिन उन्होंने यह चेतावनी जरूर दी कि वीडियो स्ट्रीमिंग डिवाइसों (मसलन यूट्यूब, नेटफ्लिक्स आदि) पर एक व्यक्ति अपने मनपसंद सीरियल्स-सिरीज को लगातार एक के बाद एक देख सकता है, जिसकी वजह से वो बिना इन्हें छोड़े हटता नहीं है.

इस वजह से उनके लगातार एक ही जगह बैठकर टेलीविजन देखने का वक्त बढ़ जाता है, जो काफी जानलेवा हो सकता है.

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शोधकर्ताओं की सलाह है कि एकाध घंटे बाद खड़े होइए, अपना शरीर स्ट्रेच (फैलाइए) कीजिए, कुछ टहलिए या फिर टीवी देखते वक्त अपने पैरों की मांसपेशियों को बीच-बीच में पांच मिनट के लिए खींचिए और छोड़िए. 

First published: 26 July 2016, 18:12 IST
 
अमित कुमार बाजपेयी @amit_bajpai2000

पत्रकारिता में एक दशक से ज्यादा का अनुभव. ऑनलाइन और ऑफलाइन कारोबार, गैज़ेट वर्ल्ड, डिजिटल टेक्नोलॉजी, ऑटोमोबाइल, एजुकेशन पर पैनी नज़र रखते हैं. ग्रेटर नोएडा में हुई फार्मूला वन रेसिंग को लगातार दो साल कवर किया. एक्सपो मार्ट की शुरुआत से लेकर वहां होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनियों-संगोष्ठियों की रिपोर्टिंग.

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